क्या नरेंद्र मोदी दूसरी बार बनेंगे प्रधानमंत्री, जानिए क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र


गुजरात के वडनगर, मेहसाणा में 17 सितंबर 1950 को हुआ। नरेंद्र मोदी की जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति हमेशा विजय दिलाती है। अपने लक्ष्य को पूर्ण करने में मोदी कभी पीछे नहीं हटते और वे जो ठान लेते हैं, करते ही हैं। यह सूर्य का ही प्रभाव है। चंद्र-मंगल की कुंडली में स्थिति से मोदी को पारिवारिक सुख (गृहस्थ) नहीं मिला।
मोदी की कुंडली में बुध की स्थिति के फल को देखें तो धार्मिक प्रवृत्ति के व शत्रु पर विजय प्राप्त करने वाला भाग्य बनाता है, जो हमने देखा है। साथ ही वर्तमान में भी उच्च पद पर अभी बने रहने के योग बुध बनाता है अर्थात 2019 में मोदी प्रधानमंत्री पुन: बनेंगे, ऐसे योग बनते हैं।

कुंडली में गुरु की स्थिति वर्तमान में उच्च स्थान पर पद प्राप्ति की पूर्ण योग बनाती है। शुक्र भी मोदी को सत्य के मार्ग पर चलने वाला, गुणी व भाग्यवान बनाता है। वर्तमान में कुंडली में शनि की स्थिति निरोगी व वीर अर्थात शक्तिशाली व विजय प्राप्ति के भाग बना रही है।
राहु की स्थिति पर नजर डालें तो राजयोग बनते हैं, केतु भावुक बनाता है, पर विवेक से कार्य करने वाली बुद्धि के योग बनाता है। वर्तमान में हम मोदी की कुंडली को 2019 के चुनाव में विजय प्राप्ति की नजर से देखें, तो लग्न कुंडली में स्थित ग्रहों व वर्तमान प्रभाव से राहु, चंद्र, बुध व राहु का उच्च होना प्रधानमंत्री पद प्राप्ति का पूर्ण योग बनाता है।


और भी पढ़ें :