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मुझे चाहिए पृथ्वी का हिस्सा
(Hindi Literature)
मुझे चाहिए पृथ्वी का हिस्सा
- चम्पा वैद
FILE
सुरक्षा के दायरे को हर रोज कुछ संकीर्ण
और कमजोर होते देख
उसको जल्दी पार करने के लिए
स्वर्गलोक और मृत्युलोक का पूरा चक्कर लगा
कांपने लगती हूं
क्यों?
मुझे चाहिए दो रोटी कपड़ा और मकान
पृथ्वी का हिस्सा
जल और थोड़ा-सा आसमान।
-
साभारः अक्षर पर्व
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