व्यंग्य : नागनाथ सांपनाथ का चुनावी उत्सव

WD|
एम.एम.चन्द्रा 
दुष्यंत कुमार की यह गजल कोयल एक पेड़ पर बैठी गा रही है। तभी अचानक उस पेड़ के नीचे पड़ा सड़ा आधा जमीं में धंसा बाहर फन निकले एक ने आवाज लगाई - बस कर अब तो अपनी हार मान ले, हम चुनाव जीत गए हैं।

कोयल : कभी नागनाथ जीते, तो कभी जीते। तो क्या मैं अपना गीत गाना बंद बंद कर दूं।
तभी उधर से गुजर रहे सांपनाथ कहा - रहने दे भाई जिस दिन हत्थे चढ़ जाएगी, उस दिन इसका भोजन मिलकर करेंगे।
भाई नागनाथ! वो बिच्छूनाथ कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।
भाई शाम को अपनी प्रेस वार्ता की तैयारी कर रहे हैं, हार और जीत की समीक्षा जो करनी है उन्हें। चलो कोई बात नहीं, आज तो हमारा सामुहिक भोज है, जीतने वाली नागनाथ पार्टी के यहां।
 
सांपनाथ, नागनाथ और बिच्छुनाथ सभी आ रहे हैं। वहीं कुछ मजेदार बात होगी हार और जीत की।
जिल्ले इलाही : सांपनाथ, नागनाथ और बिच्छुनाथ प्रजातियों के प्रतिनिधि भाई और बहनों, आओ खुशी मनाएं। जम कर जाम पिएं और पिलाएं। चुनाव कहीं भी हो या होने वाले हो, जीत हमारी ही होगी। इसलिए हम सब को मिलकर इस चुनावी उत्सव का मजा लेना चाहिए। पिछली बार सांपनाथ पार्टी ने जीत का मजा लिया, अब नागनाथ की बारी है। और हो सकता है कि कल बिच्छू नाथ की बरी आए। बारी-बारी से मजा लो।
 
नागनाथ : लेकिन जिल्ले इलाही इस कोयल का क्या करें जो दुष्यंत का गीत गा रही है।
चिंता न करो जब तक कौए सिर्फ कांव-कांव करते रहेंगे, तब तक हमारी प्रजाति मैग्ना कार्टा (Magna Carta,या आजादी का महान चार्टर) लागू करती रहेगी। यही हमारा सुरक्षा कवच है, जो हमें विरासत में मिला है। की जगह चुनाव को ही लोकतंत्र साबित करते रहो। कभी हम, कभी तुम चुनावी लोकतंत्र से जिंदा रह सके।
 
सांपनाथ : उस कबूतर का क्या होगा, जो अभी तक किसी भी देश की सीमा को नहीं मानता, सिर्फ 'प्यार का संदेश' सुनाता रहता है।
जिल्ले इलाही : आप तो बिना बात घबरा रहे हैं... बहुत से कबूतर पिंजरों में बंद है। कुछ को पालतू बना दिया है, जिनको दाना चुगने के लिए अपने दड़बे में ही आना पड़ेगा। जो कबूतर खुले आसमान में उड़ रहे हैं उनके लिए कोई जमीन ही नहीं बची जो अपना बसेरा बना सके। तो समझो उनसे भी हमें कोई भय नहीं है। बाकी सबको मौका दिया है, जो चाहे, जब चाहे चुनावी लोकतंत्र में विश्वास करें और चुनाव लड़े। इरोम का हस्र सभी ने देख लिया है। चुनावी लोकतंत्र से आगे हम किसी को सोचने और करने का मौका ही नहीं देते। जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का।
 
बिच्छुनाथ : यदि इस चुनावी लोकतंत्र के जरिए ही कोयल और कबूतर सत्ता में आ गए, तो हमारी प्रजाति तो खतरे में पड़ जाएगी।
जिल्ले इलाही : तुम तो बहुत ही बुडबक हो। देश की चुनाव प्रणाली पर विश्वास करो। हमारा मुख्य हथियार भय है, हम तुम्हारा भय पैदा करें और तुम हमारा और बाकी लोग जाति, धर्म, समुदाय को एक दूसरे का भय दिखाए। घर घर जाए भेड़िये, शेर लक्कड़बग्घा भय दिखाएं। बस इतना याद रहे रोजी रोटी का मुद्दा मुख्य न बन जाए। वर्ना दुनिया में अच्छे अच्छे न रहे तो हम तुम किस खेत की मूली है।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए ...

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए जानते हैं यह रहस्य-
पूर्णिमा के दिन मोहक दिखने वाला और अमावस्या पर रात में छुप जाने वाला चांद अनिष्टकारी होता ...

क्या आपका बच्चा भी अंगूठा चूसता है? तो हो जाएं सावधान, जान ...

क्या आपका बच्चा भी अंगूठा चूसता है? तो हो जाएं सावधान, जान लें नुकसान
शायद ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा, जिसने किसी बच्चे को अंगूठा चूसते हुए कभी न देखा हो। अक्सर ...

यही है वह मौसम जब शरीर का बदलता है तापमान, रहें सावधान, ...

यही है वह मौसम जब शरीर का बदलता है तापमान, रहें सावधान, जानें वजह और बचाव के उपाय
मौसम आ गया है कि आपको चाहे जब लगेगा हल्का बुखार। तो क्या घबराने की कोई बात है? जी नहीं, ...

प्रेशर कुकर में नहीं कड़ाही में पकाएं खाना, जानिए क्यों...

प्रेशर कुकर में नहीं कड़ाही में पकाएं खाना, जानिए क्यों...
अगर आप से पूछा जाए कि प्रेशर कुकर में या कड़ाही खाना बनाना बेहतर है तो आप तुरंत प्रेशर ...

मलाईदार नारियल क्रश, सेहत के यह 8 फायदे पढ़कर रह जाएंगे दंग

मलाईदार नारियल क्रश, सेहत के यह 8 फायदे पढ़कर रह जाएंगे दंग
आजकल मार्केट में नारियल पानी से ज्यादा नारियल क्रश को पसंद किया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह ...

क्या आपको भी होती है एसिडिटी, जानिए प्रमुख कारण और बचाव

क्या आपको भी होती है एसिडिटी, जानिए प्रमुख कारण और बचाव
मिर्च-मसाले वाले पदार्थ अधिक सेवन करने से एसिडिटी होती है। इसके अतिरिक्त कई कारण हैं ...

देवताओं की रात्रि प्रारंभ, क्यों नहीं होते शुभ कार्य कर्क ...

देवताओं की रात्रि प्रारंभ, क्यों नहीं होते शुभ कार्य कर्क संक्रांति में...
कर्क संक्रांति में नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं और अच्छी और शुभ शक्तियां क्षीण हो ...

लिपबाम के फायदे जानते हैं और इसे लगाते हैं, तो इसके नुकसान ...

लिपबाम के फायदे जानते हैं और इसे लगाते हैं, तो इसके नुकसान भी जरूर जान लें
लिप बाम सौंदर्य प्रसाधन में आज एक ऐसा प्रोडक्ट बन चुका है, जिसके बिना किसी लड़की व महिला ...

सूर्य कर्क संक्रांति आरंभ, क्या सच में सोने चले जाएंगे सारे ...

सूर्य कर्क संक्रांति आरंभ, क्या सच में सोने चले जाएंगे सारे देवता... पढ़ें पौराणिक महत्व और 11 खास बातें
सूर्यदेव ने कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के कर्क में प्रवेश करने के कारण ही इसे ...

यदि आप निरोग रहना चाहते हैं, तो पढ़ें यह चमत्कारिक मंत्र

यदि आप निरोग रहना चाहते हैं, तो पढ़ें यह चमत्कारिक मंत्र
भागदौड़ भरी जिंदगी में आजकल सभी परेशान है, कोई पैसे को लेकर तो कोई सेहत को लेकर। यदि आप ...