पाकिस्तान में फर्जी पायलटों की भरमार

Last Updated: शुक्रवार, 11 मई 2018 (11:41 IST)
विमान में 10,000 मीटर की ऊंचाई पर अगर आपको पता चले कि फर्जी है तो सोचिए मुसाफिरों की क्या हालत होगी। में ऐसे दर्जनों पकड़े गए हैं।

पाकिस्तान की सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) ने सुप्रीम कोर्ट को पायलटों की फर्जी डिग्री मामलों की जानकारी दी है। सीसीए के मुताबिक (पीआईए) के 24 पायलट और 67 फर्जी डिग्री के साथ पकड़े गए। मामले के सामने आने के बाद 17 पायलटों ने इस्तीफा दे दिया है। 7 को कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिला है।

असल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीएए ने पाकिस्तान की सभी एयरलाइन कंपनियों के कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच शुरू की। सबसे पहले सरकारी एयरलाइंस पीआईए के 1,972 कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान पता चला कि विमान परिचालन से जुड़े 91 कर्मचारियों ने फर्जी डिग्रियों का सहारा लिया। फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब कार्रवाई हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट में सीएए की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है, "पीआईए के मौजूदा 451 पायलटों में से 319 की डिग्री/सर्टिफिकेट सही पाए गए। 124 पायलटों की डिग्री/सर्टिफिकेटों की जांच चल रही है। फर्जी डिग्री वाले सात पायलट अब भी काम कर रहे हैं क्योंकि अदालत ने उनके पक्ष में ऑर्डर (स्टे) दिया है।"

पीआईए के बाद अब प्राइवेट एयरलाइंसों की बारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, "प्राइवेट एयरलाइंस शाहीन एयर, एयर ब्लू और सेरेने एयर ने अपने पायलटों और केबिन क्रू के दस्तावेजों की जांच करने के लिए कुछ वक्त मांगा है। इन कंपनियों का कहना है कि उन्होंने ऐसी जांच पहले कभी नहीं की है, लिहाजा थोड़ा वक्त चाहिए। सीएएस की समिति ने उन्हें पत्रों के जरिए विस्तार से बताया है कि एक महीने के भीतर इस प्रक्रिया को कैसे पूरा करना है।"

यह मामला जुलाई 2017 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने शाहिद खाकान अब्बासी की भी लुटिया डुबो सकता है। अब्बासी एयर ब्लू के सीईओ और प्रेसीडेंट हैं। फर्जी डिग्री मामले में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने सारी एयरलाइनों के शीर्ष अधिकारियों को समन किया है। चीफ जस्टिस मियां शाकिब निसार ने अपने आदेश में कहा, "हमने एयर ब्लू के सीईओ को समन किया है। उन्हें खुद को एयर ब्लू के चीफ की तरह पेश करना होगा, न कि प्रधानमंत्री की तरह।" सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री का एक निजी एयरलाइन कंपनी का सीईओ होना, हितों के टकराव का गंभीर मामला भी है।

यह पहला मामला नहीं है जब पाकिस्तान की एयरलाइंसों में फर्जी कर्मचारी पकड़े गए हैं। इससे पहले भी 2016 में 39 और 2014 में 300 कर्मचारी फर्जी डिग्री के चक्कर में नौकरी गंवा चुके हैं।

रिपोर्ट : ओंकार सिंह जनौटी

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