Widgets Magazine

आत्मघाती हमलावर क्यों बन रही हैं महिलाएं

पुनः संशोधित गुरुवार, 9 मार्च 2017 (16:00 IST)
इस्लामिक आतंकवादी संगठन, बोको हरम, मुस्लिम महिलाएं, आत्मघाती हमलावर, नाइजीरिया अफ्रीकी देश नाइजीरिया में आतंकी समूह बोको हराम अब आत्मघाती हमलों के लिये महिलाओं और लड़कियों की भर्ती कर रहा है। हालांकि सरकार और गैर सरकारी संस्थायें इन्हें बचाकर अपने परिवार से मिलाने की पूरी कोशिशें कर रही हैं।
बोको हराम ने भीड़भाड़ वाले इलाकों खासकर बस स्टेशन, मस्जिद, स्कूल और बाजारों में आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिये महिलाओं और लड़कियों का बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया है। इनमें से कुछ लड़कियों की उम्र तो दस साल से भी कम है। बोको हराम एक आतंकी समूह है, जिसने साल 2009 से नाइजीरिया को एक कट्टर इस्लामिक राज्य बनाने की मुहिम झेड़ रखी है। आतंकी समूह, साल 2014 से आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल कर रहा है।
 
एक गैर सरकारी संस्था के मुताबिक साल 2014 के बाद से बोको हराम अब तक करीब 123 महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल कर चुका है। इनमें से अधिकतर महिलाओं को इन हमलों को अंजाम देने के लिये मजबूर किया गया था। यह महिलाओं और लड़कियों की समाज में खराब स्थिति को भी दर्शाता है जिसका लाभ ऐसे आतंकी समूह उठा रहे हैं। महिलाओं के लिये चलाये जा रहे एनजीओ वूमन सिचुअेशन रूम नाइजीरिया के संयोजक जरीयतु अबुबकर महिलाओं के आतंकी समूहों में शामिल होने का कारण गरीबी और समाज में इनकी अनदेखी को मानती हैं। 
 
ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक बोको हराम ने साल 2009 से लेकर अब तक करीब 2,000 लड़कियों का अपहरण किया है और इनमें से कई के साथ बलात्कार किया और इन्हें जबरन काम करने के लिये मजबूर किया। साल 2014 में बोको हराम ने 200 स्कूली लड़कियों का अपहरण कर लिया था, जो वाकया सोशल मीडिया साइट्स पर खूब उछला था।
 
अबुबकर ने बताया कि अब समाज में लैंगिक समानता लाने के लिये काम किया जा रहा है, ताकि महिलाओं की स्थिति में सुधार किया जा सके। उन्होंने बताया कि अब लड़कियों को स्कूल जाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे स्वयं सक्षम बन सके। नाइजीरिया की सरकार भी आतंकी समूह की पूर्व महिला सदस्यों को मुख्य धारा में लाने के लिेये कार्यक्रम चला रही है। ये कार्यक्रम ऐसी महिलाओं को अपने परिवारों के साथ जुड़ने का भी मौका देंगे।
 
टेनियो इंटेलिजेंस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मांजी चेतो ने कहा कि यह बता पाना मुश्किल है कि बोको हराम ने अब तक कितनी महिलाओं और लड़कियों को आत्मघाती हमलों के लिये अपने गुट में शामिल किया है। उन्होंने बताया "कुछ बोको हराम के सदस्यों की विधवायें हैं और कुछ ऐसी भी हैं जिनके परिवार के सदस्य इससे जुड़े हुये हैं। कई लड़कियों की उम्र तो 13 साल से भी कम है और कुछ को जबरन इस काम में धकेला गया है।"
 
रिपोर्ट- मोहम्मद अल-अमीन 
Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine
Widgets Magazine