'क्लीनस्वीप' कर इतिहास रचने उतरेगी विराट सेना

पुनः संशोधित शुक्रवार, 11 अगस्त 2017 (17:15 IST)
पल्लेकेल। श्रीलंका के खिलाफ पिछले दोनों मैचों में शानदार जीत के साथ सीरीज पर कब्जा कर चुकी भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें अब पल्लेकेल में शनिवार से शुरू होने जा रहे तीसरे और आखिरी टेस्ट के साथ सीरीज में 3-0 की क्लीनस्वीप कर इतिहास रचने पर लगी हुई हैं।

भारत ने 85 साल के इतिहास में केवल एक बार ही विदेशी मैदान पर सीरीज में 3 टेस्ट जीते हैं और अब स्टार खिलाड़ी और कप्तान विराट के नेतृत्व में एक बार फिर टीम इंडिया के पास इतिहास रचने का मौका है। भारत ने विराट के ही नेतृत्व में 22 साल के अंतराल पर पिछले श्रीलंका दौरे में 3 मैचों की सीरीज 2-1 से जीती थी और इस बार कप्तान 3-0 से क्लीनस्वीप करने के करीब हैं।

देश के सफल कप्तानों में शुमार हो चुके 28 साल के विराट के नेतृत्व वाली नंबर 1 टेस्ट टीम के खिलाड़ियों में बिना किसी परेशानी के पल्लेकेल में मेजबान टीम को शिकस्त देने का मौका रहेगा जबकि श्रीलंकाई टीम इस मैच में हार टालकर अपना सम्मान बचाना चाहेगी। भारत ने पहले गाले टेस्ट में श्रीलंका को 304 और दूसरे टेस्ट में पारी तथा 53 रनों से शानदार जीत अपने नाम की थी।
हालांकि भारतीय टीम को इस मैच में भी पूरी ताकत दिखानी होगी, क्योंकि भले ही परिणाम के लिहाज से यह अहम न हो लेकिन मेजबान टीम इस मैच में वापसी करने के लिए जरूर कड़ा प्रयास करेगी। श्रीलंकाई टीम पिछले मैचों में शर्मनाक हार से पहले ही दबाव में है और खुद उनके खेलमंत्री तक ने खिलाड़ियों की कड़ी आलोचना की है। बदलाव के दौर से गुजर रही टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस भी उसके लिए सिरदर्द बनी हुई है।

कप्तान दिनेश चांडीमल, ऑलराउंडर असाका गुणारत्ने, लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेरात और तेज गेंदबाज नुवान प्रदीप सभी पिछले मैचों में फिटनेस समस्या झेल चुके हैं। हालांकि चांडीमल निमोनिया से उबरने के बाद वापसी कर चुके हैं लेकिन बाकी खिलाड़ी बाहर हैं।

पल्लेकेल टेस्ट के लिए 14 सदस्यीय श्रीलंकाई टीम में दुष्मंत चमीरा और लाहिरु गमागे को शामिल किया गया है तो बल्लेबाज दनुष्का गुणातिल्का को आखिरी मैच से बाहर कर दिया गया है। साफ है कि श्रीलंकाई टीम पल्लेकेल में काफी बदलावों के साथ उतरेगी और उसकी कोशिश इस बार बेहतर परिणाम निकालने की रहेगी। कप्तान चांडीमल भी मैच की पूर्व संध्या पर कह चुके हैं कि पल्लेकेल टेस्ट में जीत न सिर्फ उनके खिलाड़ियों को खुश कर देगी बल्कि यह मनोबल बढ़ाने वाली भी होगी।
वहीं भारतीय टीम में भी इस बार कुछेक बदलाव देखने को मिलेंगे, क्योंकि दूसरे टेस्ट के 'मैन ऑफ द मैच' रवीन्द्र जडेजा मैच में अपने रवैए के कारण 1 मैच के लिए निलंबित हैं। दूसरे मैच में कुल 7 विकेट और अपनी नाबाद 70 रनों की पारी खेलने वाले जडेजा टेस्ट में दुनिया के नंबर 1 गेंदबाज और नंबर 1 ऑलराउंडर भी हैं।

लेकिन स्टार ऑलराउंडर की अनुपस्थिति में कप्तान विराट को अक्षर पटेल या कुलदीप यादव में से किसी एक को चुनना पड़ सकता है। कलाई के गेंदबाज कुलदीप स्पिन गेंदबाजी में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उम्मीद है कि विराट उन्हें अक्षर पर तरजीह दे सकते हैं जिन्होंने टेस्ट में अभी तक पदार्पण नहीं किया है। जडेजा की गैरमौजूदगी में स्पिन विभाग में सबसे अधिक दारोमदार अब रविचन्द्रन अश्विन पर है। ऑफ स्पिनर ने अब तक 2 मैचों में 11 विकेट निकाले हैं।
तेज गेंदबाजी आक्रमण में भारत के पास उमेश यादव, मोहम्मद शमी, मध्यम तेज गेंदबाज हार्दिक पांड्या हैं और पल्लेकेल मैच से पूर्व भुवनेश्वर कुमार भी काफी अभ्यास करते दिखे जिसके बाद उम्मीद की जा सकती है कि वे भी आखिरी मैच में दिख सकते हैं। बल्लेबाजों की बात करें तो टीम के पास स्टार खिलाड़ियों की पूरी फौज है और गेंदबाजों की तरह पिछले दोनों मैचों में बल्लेबाजों ने भी बहुत प्रभावित किया है।

विराट तो अब भारत के पहले कप्तान भी बन गए हैं जिन्होंने श्रीलंका में दोनों मैचों की पहली पारियों में 600 से अधिक का स्कोर खड़ा कर मैच जीते। भारत ने गाले में पहली पारी में 600 और कोलंबो टेस्ट में पहली पारी में 622 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी थी और इस मैच में विपक्षी टीम से फॉलोआन भी कराया।

'श्रीमान भरोसेमंद' चेतेश्वर पुजारा टीम के लिए पिछले 2 मैचों में 100 से अधिक के औसत से 2 शतक लगाकर शीर्ष स्कोरर हैं। पुजारा ने 153, 15 और 133 रनों की पारियां खेली हैं, वहीं अजिंक्य रहाणे उनका अच्छा साथ दे रहे हैं। उन्होंने 57, नाबाद 23 और 132 रनों की जबरदस्त तथा निरंतर पारियां खेली हैं और दोनों भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।

इसके अलावा पहले मैच में 190 रन बनाने वाले ओपनर शिखर धवन, नाबाद शतक बनाने वाले विराट के अलावा निचले क्रम में विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा और पांड्या की मौजूदगी से भारत का बल्लेबाजी क्रम दोनों मैचों में श्रीलंकाई गेंदबाजों की हवा निकाल चुका है। साहा ने भी मैच से पूर्व कहा कि उनका ध्यान 3-0 की क्लीनस्वीप पर नहीं, बल्कि एक समय में 1 मैच जीतने पर है और वे बल्लेबाजी, गेंदबाजी तथा फील्डिंग में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और पल्लेकेल में भी इसी की बदौलत जीतने उतरेंगे। (वार्ता)

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