शेयर बाजार में निवेशकों के करोड़ों डूबने और कमाने का सच, बर्बादी से कैसे बचें...

नृपेंद्र गुप्ता|
में भारी गिरावट के बाद इन दिनों उतार-चढ़ाव ने आम निवेशकों को हैरान कर दिया है। कभी बाजार 200-300 पाइंट नीचे चला जाता है तो कभी बाजार में इतनी ही तेजी दिखाई देती है। ऐसे में बाजार के जानकार तो नुकसान से खुद को बचा लेते हैं पर कम जानकारी रखने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
शेयर बाजार में आई गिरावट ने लोगों के लाखों करोड़ों रुपए डूब गए। इसके बाद इस तरह की खबरे आईं कि पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स में 429 अंकों के उछाल से लोगों को 5.30 लाख करोड़ रुपए का फायदा हु्आ। आज फिर बाजार गिरा तो लोगों को घाटा हो गया।

इस तरह समझे फायदे-नुकसान का गणित : इस स्थिति को इस उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है।
अगर आपके शेयर की वेल्यू 100 रुपए हैं और बाजार गिरता है और उसकी वेल्यू 90 रुपए रह जाती है तो 10 रुपए लॉस कहलाएगा। अगर इसी शेयर की वेल्यू 110 रुपए हो गई तो आपको 10 रुपए लाभ होगा।
क्या होता है बाजार का नुकसान : अकसर अखबारों में हम पढ़ते हैं कि निवेशकों को इतने लाख करोड़ का फायदा हुआ या इतने लाख करोड़ डूब गए, तो हम वहां बाजार वेल्युएशन की बात करते हैं। इस बात को इस तरह आसानी से समझा जा सकता है। मान लो कि किसी दिन बाजार वेल्युएशन एक लाख करोड़ रुपए हैं और बाजार 3 प्रतिशत गिर गया तो 30 हजार करोड़ का नुकसान माना जाएगा। भले ही आप बाजार में गिरावट की स्थिति में शेयर बेचे नहीं, लेकिन उसका वेल्यूएशन तो कम हुआ है। इसी तरह लाभ की भी गणना की जाती है।

शेयर बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा के अनुसार, बाजार में रिलायंस, TCS, SBI जैसे कई मार्केट लीडर हैं। इनके शेयर जब गिरते हैं तो इंडेक्स भी गिर जाता है। उस स्थिति में जरूरी नहीं कि उस इंडेक्स के सभी शेयर गिरे। हालांकि कैप्टन कमजोर होता है तो टीम पर असर आता ही है। इस तरह उस दिन इंडेक्स के अधिकांश शेयरों में गिरावट देखी जाती है।

क्या करें : अगर बाजार रेंज बाउंड हैं तो निवेशकों को सावधान रहने की आवश्यकता है। अगर आपका बजट 100 रुपए का है तो इस स्थिति में 25 रुपए ही निवेश करना चाहिए। इस तरह आपका पैसा चार बार में अलग-अलग समय लगेगा और इससे एवरेजिंग हो जाएगी।
अकसर निवेशक ज्यादा लाभ के लालच में लिमिट का उपयोग कर ज्यादा शेयर ले लेते हैं। गिरावट की स्थिति में
उनका सौदा कट जाता है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस समय जेब का पैसा ही बाजार में लगाना चाहिए और क्रेडिट लिमिट का उपयोग भी नहीं करना चाहिए।


और भी पढ़ें :