महिलाओं के लिए आकर्षक होम लोन योजनाएं

अब रियायती दरों पर होमलोन की सुविधाएं केवल पुरुषों तक ही सीमित नहीं हैं, अब विभिन्न ऋणदाताओं द्वारा लागू की गई नई स्कीम्स के माध्यम से कामकाजी महिलाएं भी लोन ले सकती हैं। आज की आधुनिक सोसायटी में अब पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी उनके परिवार को संपन्न जीवन के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अधिकांश बैंकिंग, गैर बैंकिंग संगठन तथा गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों ने पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के लिए कम ब्याज दरों पर होम लोन के लिए कई ऑफर्स निकाले हैं। सामान्यत: महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा 0.05% कम ब्याज दर पर होम लोन मिल जाता है। वित्त कंपनियां और ऋणप्रदाता महिलाओं को लोन देना कम जोखिमभरा मानते हैं। इस वजह से महिलाओं को लोन भी आसानी से मिल जाता है।

मेट्रो शहरों में 30 प्रतिशत संपत्ति खरीदने वालों में महिलाएं होती हैं। अत: उन लोगों के लिए जो किराए के घरों में रह रहे हैं, सपनों का घर लेना उच्च प्राथमिकता होती है। उनके इस सपने को साकार करने के लिए कामकाजी महिलाओं के लिए कई होम लोन स्कीम्स लांच की गई हैं। रियायती ब्याज दर पर होम लोन के लिए उनके पास कई विकल्प होते हैं। अधिकांश ऋण प्रदाताओं ने महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और एचडीएफसी वूमन पॉवर जैसी नई होम लोन स्कीम पेश की हैं, जो महिलाओं को सुविधानजनक रूप से कम ब्याज दर पर होम लोन लेने में उन्हें सक्षम बनाती है।

आइए जानते हैं सरकार और वित्त संस्थानों द्वारा लांच कई गई कुछ प्रमुख होम लोन योजनाओं के बारे में...

प्रधानमंत्री आवास योजना : प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार द्वारा की गई एक ऐसी पहल है जो शहरी गरीबों को सस्ते घर प्रदान करने के लिए की गई है। इसका लक्ष्य 31 मार्च 2022 तक 2 करोड़ लोगों को घर सस्ते घर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत विधवा, अकेली कामकाजी महिला, एससी-एसटी से जुड़े लोग, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर को प्राथमिकता दी जाती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए योग्यता मानदंड निम्नानुसार है:
लाभार्थी की अधिकतम आयु 70 साल तक हो सकती है।
ईडब्ल्यूएस (आर्थिक कमजोर अनुभाग) वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम हो।
एलआईजी (लोअर आय समूह) वार्षिक आय 3 लाख रुपए से 6 लाख रुपए।
एमआईजी (मिड आय समूह) वार्षिक आय 6 लाख रुपए से 18 लाख रुपए।
लाभार्थी या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के पास भारत के किसी भी हिस्से में कोई संपत्ति नहीं होना चाहिए।

एचडीएफसी बैंक की वूमन पॉवर स्कीम : महिलाओं को खुद के नाम से घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गत वर्ष एचडीएफसी बैंक ने वूमन पॉवर के नाम से एक विशेष स्कीम लांच की। इस स्कीम के तहत एचडीएफसी बैंक महिलाओं को 9.85 प्रतिशत की दर से होम लोन प्रदान करता है। अन्य बैंकों की तरह एचडीएफसी बैंक भी उन महिलाओं को यह प्रस्ताव प्रदान करता है जो संपत्ति की एकमात्र मालिक या सह-मालिक हो सकती हैं। यह स्कीम उन महिलाओं के लिए भी है जिनके पास आय का कोई साधन नहीं है।

स्कीम्स की कुछ खास बातें :

कम ब्याज दरें : महिलाओं को 0.5 प्रतिशत की छूट के साथ कम ब्याज दर पर होम लोन प्रदान किया जाता है। कुछ शीर्ष बैंकिंग संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली होमलोन स्कीम्स के नाम इस प्रकार हैं: एसबीआई होम लोन, एचडीएफसी होम लोन, आईसीआईसीआई होम लोन, एक्सिस होम लोन, डीएचएफएल, बैंक ऑफ बड़ौदा होम लोन, एलआईसी होम लोन, यूको बैंक होम लोन और विजया बैंक होम लोन। इन स्कीमों में महिलाओं को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर लोन प्रदान किया जाता है। अत: महिलाओं के पास कई लोन प्रदाताओं में तुलना करने, बेहतर को चुनने और बेस्ट डील करने का अवसर रहता है।

कम स्टाम्प ड्यूटी : जब भी महिलाएं कोई संपत्ति खरीदती है तो सामान्यत: उन्हें स्टांप ड्यूटी में भी एक-दो प्रतिशत की छूट मिल जाती है। इस तरह 80 की संपत्ति पर महिलाओं को 80 हजार से एक लाख 60 हजार रुपए की बचत हो जाती है।

टैक्स में फायदा : होम लोन लेने वाली महिलाओं को टैक्स में भी छूट मिलती है। उन्हें मूल धन और ब्याज पर टैक्स में 2 लाख रुपए तक की छूट मिलती है।

वर्तमान में कुछ बैंक उपभोक्ताओं को नतीजों और प्रभावों के बारे में अधिक जानकारी प्रदान किए बिना सह-आवेदक होने पर जोर दे रहे हैं। महिलाओं के सह आवेदक होने की स्थिति में ज्यादा लोन मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। साथ ही इसमें इन बातों का जोखिम भी बढ़ जाता है:

सह-आवेदकों के लिए विशेष ध्यान देने योग्य बातें : उस स्थिति में जब महिला लोन में सह आवेदक हो लेकिन संपत्ति में सह मालिक नहीं हो तो ईएमआई के भुगतान में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके उलट स्थिति का भी आपको सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, किसी भी प्रकार की समस्या सह-आवेदक के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।

ईएमआई का अतिरिक्त बोझ : मान लीजिए मुख्‍य आवेदक इमरजेंसी या वित्तीय परेशानी में है और ईएमआई भरने में असमर्थ है तो समस्या हल होने तक इसका बोझ सह आवेदक पर पड़ेगा।
कम क्रेडिट पात्रता : सह आवेदक होने की स्थि‍ति में आपकी क्रेडिट पात्रता भी आधी हो जाएगी। इसका आपकी भविष्य में लोन लेने की क्षमता पर भी असर पड़ेगा।

आवश्यक दस्तावेज : वेतनभोगी महिलाएं
भरा हुआ आवेदन पत्र
पासपोर्ट साइज के फोटो
पहचान पत्र : वोटर आईडी, आधार कार्ड, पेन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस
निवास प्रमाण: बिजली, टेलीफोन और पानी के बिल आदि

आवश्यक दस्तावेज : सेल्फ इम्पलाइड महिलाएं
छह माह का बैंक स्टेटमेंट
भरा हुआ आवेदन पत्र
पासपोर्ट साइज के फोटो
पहचान पत्र : वोटर आईडी, आधार कार्ड, पेन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस
निवास प्रमाण : बिजली, टेलीफोन और पानी के बिल आदि
संपत्ति कर की रसीद।
व्यक्तिगत संपत्ति और वित्तीय देनदारियों का स्टेटमेंट
वर्तमान और पूर्व के लोन की रसीद


होम लोन देने से पहले अधिकांश ऋणदाता आपकी आय, आयु, संपत्ति, देनदारी, क्रेडिट स्कोर, संपत्ति की कीमत, ऋण लेने वाले की भुगतान की क्षमता आदि भी देखते हैं। अत: यह स्कीम्स कामकाजी महिलाओं और ऐसी महिलाएं जिनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है, को उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ दरों पर होम लोन प्रदान करती है।
(एडवर्टोरियल)



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