कार्ड से करें भुगतान, नहीं लगेगा टैक्स !

पुनः संशोधित बुधवार, 15 मार्च 2017 (15:00 IST)
नई दिल्ली। को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार से लेन-देन करने पर लगने वाले शुल्क को समाप्त कर सकती है। इसके लिए कालेधन को लेकर न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमबी शाह की अगुआई में गठित एसआईटी ने सरकार को कुछ इसी प्रकार का सुझाव दिया है।
सरकार यदि एसआईटी के इस सुझाव मान लेती है तो  क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर लगने वाला भारी लेन-देन शुल्क पूरी तरह खत्म हो जाएगा। शाह पैनल ने नियमित तौर पर अदा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा बीमा, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया है। इस संबंध में अहमदाबाद में बीते 11 मार्च को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया था।
 
खबरों के अनुसार ई-भुगतान पर लेवी खत्म करने का सुझाव इस मायने में बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैंक और ई-गेटवे मुहैया कराने वाली कंपनियां रोजाना होने वाले करोड़ों लेन-देन पर बड़ी कमाई करते हैं। जनवरी में सिर्फ गुजरात में ही 2.95 करोड़ ई-भुगतान हुए, जिसमें क्रेडिट-डेबिट कार्ड और पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के जरिए कुल 5,838 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। जनवरी महीने में ही पूरे देश में 115 करोड़ ई-भुगतान किए गए।
 
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक पहले ही भुगतान शुल्क में कई बड़ी कटौती कर चुका है। देश के केंद्रीय बैंक ने डेबिट कार्ड से 1,000 रुपए तक के भुगतान करने पर 0.25 फीसदी, 2,000 रुपए तक के भुगतान पर 0.50 प्रतिशत जबकि 2,000 रुपए से ऊपर के भुगतान पर एक फीसदी, क्रेडिट कार्ड से 1,000 रुपए तक के लेन-देन पर 25 रुपये कारोबारी छूट दर (एमडीआर) तय कर दिया गया है। हरेक कार्ड से लेन-देन पर बैंक को मिलने वाले कमिशन को एमडीआर कहते हैं।

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