तीन बैंकों का होगा विलय, तीसरा सबसे बड़ा बैंक आएगा अस्तित्व में

Last Updated: सोमवार, 17 सितम्बर 2018 (20:38 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है जिसके तहत जल्द ही तीन बैंकों का किया जाएगा और इसके बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आ जाएगा।

सरकार जिन बैंकों का विलय करने जा रही है, उनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, और हैं। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बजट में सरकार ने घोषणा की थी कि बैंकों का विलय हमारे एजेंडे में शामिल है। इस क्रम में पहला कदम उठा लिया गया है। उन्होंने कहा कि बैंकों के विलय से कर्मचारियों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। उन्हें बेहतर सेवा शर्तें मुहैया करवाई जाएंगी।
जेटली की अध्यक्षता में यहां वैकल्पिक तंत्र (एएम) की बैठक हुई जिसमें इन तीनों सरकारी बैंकों को विलय पर विचार करने का निर्णय लिया गया। इस तंत्र में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और रेलमंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं। संभावित विलय के बाद इनका कारोबार करीब 15 लाख करोड़ रुपए का होगा और यह देश का तीसरा बड़ा बैंक बन जाएगा।

जेटली ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बैंक बनाने को ध्यान में रखकर तीनों बैंकों के विलय पर विचार के लिए कहने का निर्णय लिया गया है। अब तीनों बैंकों के निदेशक मंडल को इस प्रस्ताव पर अलग- अलग विचार कर निर्णय लेना होगा और उनके निर्णय पर ही विलय की प्रक्रिया शुरू होगी।
वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा कि तीनों बैंकों के निदेशक मंडल विलय प्रस्ताव पर विचार करेंगे। इस विलय से परिचालन दक्षता और ग्राहकों की मिलने वाली सेवा बेहतर होगी।

उन्होंने कहा कि विलय के बाद अस्तितव में आने वाला बैंक तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा पैमाने की मितव्ययिता के साथ मजबूत प्रतिस्पर्धी होगा। कुमार ने कहा कि नेटवर्क, कम-लागत जमा और अनुषंगी इकाइयों के मामले में बेहतर तालमेल होगा।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों तथा ब्रांड इक्विटी का संरक्षण किया जाएगा। कुमार ने कहा कि देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के पूंजी समर्थन सुनिश्चित किया जाएगा। तीनों बैंक विलय के बाद स्वतंत्र रूप से काम करते रहेंगे।


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