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चंदा मामा गोल मटोल,

कुछ तो बोल, कुछ तो बोल।

कल थे आधे, आज हो गोल

खोल भी दो अब अपनी पोल।

रात होते ही तुम आ जाते ,

संग साथ सितारे लाते।

दिन में न जाने कहां छिप जाते,

कुछ तो बोल, कुछ तो बोल।
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