मूर्ख दिवस : प‍ढ़ें कुछ मनोरंजक किस्से...


एक अप्रैल (मूर्ख दिवस) को दोस्तों को मूर्ख बनाने के लिए सभी के दिमाग में कोई न कोई खुरापात चलती ही रहती है। 
 
* ऐसी ही मस्ती भरी शरारत की शिकार हुई अंकिता कहती है- पड़ोस में रहने वाली उनकी सहेली ने यह कहकर उसे बुद्धू बनाया कि मेरे भैया वैष्णोदेवी गए थे, जहां से वह यह प्रसाद लेकर आए हैं। अंकिता ने जब प्रसाद की पुड़‍िया खोली तो उसमें आटा मिला। जिसे देखकर उसे याद आया कि आज एक अप्रैल है।
 
 

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