बालगीत : बड़े बेशरम


कचरा फेंका बीच सड़क पर, बड़े बेशरम,
टोकनियों में लाए भर-भर, बड़े बेशरम।

दफ्तर की सीढ़ी पर थूका, पान चबाकर,
बीड़ी फेंकी गलियारे में, धुआं उड़ाकर,
फेंकी पन्नी चौराहे पर, बड़े बेशरम।
मूंगफली खाकर छिल्कों को छोड़ दिया है,
बीच एक पटाखा फोड़ दिया है,
कागज फेंके घर के बाहर, बड़े बेशरम।

इतनी तेज चलाते गाड़ी डर लगता है,
चिड़ियाघर के जैसा आज शहर लगता है,
बीच सड़क पर मोबाइल पर बड़े बेशरम।

ऑफिस से आए हो घर में, हाथ न धोए,
चप्पल-जूते किचन रूम तक सर पर ढोए,
नहीं रहा अम्मा का अब डर, बड़े बेशरम।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :