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खुला मौत के नंबर का राज...

पुनः संशोधित गुरुवार, 18 मई 2017 (18:51 IST)
सोशल मीडिया और व्हाट्‍सएप पर वायरल हो रहे 'मौत के नंबर' का सच आखिरकार सामने आ गया है। सोशल मीडिया पर 777888999 नंबर के साथ जुड़ा एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा था। इस नंबर के बारे में कहा जा रहा था कि इस नंबर से आने वाले कॉल को रिसीव न करें। इसे अगर रिसीव किया तो फोन में हो जाएगा। मैसेज में यह भी लिखा था क‌ि इसे दूसरे लोगों को भी जल्दी फॉरवर्ड करें।
मैसेज की सचाई जाने बिना ही लोगों ने इस मैसेज को अपने-अपने परिचितों और दोस्तों को भेजना शुरू कर‌ दिया, लेकिन इस नंबर का राज खुल गया है। जिस नंबर 777888999 के बारे में कहा जा रहा है वह केवल 9 अंकों का ही है। आईटी विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में 9 अंकों वाले मोबाइल नंबर नहीं होते। 10 से कम डिजिट के नंबर विदेशों के हो सकते हैं लेकिन उनके पहले कोई न कोई फ‌िक्स कंट्री कोड जरूर होता है। जैसे भारत के किसी भी नंबर से पहले उसका कंट्री कोड +91 लगा होता है, इसलिए इस मैसेज को लेकर डरने की कतई आवश्यकता नहीं है। 

9 अंकों वाले इस नंबर को लेकर तमाम तरह के वायरल मैसेज से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ एक अफवाह है। न तो यह नंबर कोई वायरस है और न ही इस नंबर से कॉल आने पर आपके फोन में ब्लास्ट होगा। रैंसमवेयर वायरस अटैक के बाद इस तरह की अफवाहभरी खबरें तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रही हैं, इसलिए इनसे सतर्क रहने की आवश्कता है। 
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