Widgets Magazine
Widgets Magazine

हमें इराक से वापस नहीं आना चाहिए था: ट्रंप

वाशिंगटन| पुनः संशोधित मंगलवार, 21 मार्च 2017 (09:55 IST)
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति ने पहले में सैनिकों को भेजने और फिर उन्हें वापस बुलाने के अपने पूर्ववर्ती के फैसले पर सवाल उठाया और इस युद्धग्रस्त देश में स्थिरता बनाये रखने के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया।
 
अमेरिका की यात्रा पर आए इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी के साथ व्हाइट हाउस के कैबिनेट कक्ष में ट्रंप ने कहा, 'शायद हमें वहां जाना नहीं चाहिए था और निश्चित रूप से हमें वापस नहीं आना चाहिए था। हमें कभी वापस नहीं आना चाहिए था और इससे खालीपन पैदा हो गया। हमने चर्चा की कि क्या हुआ। ओवल ऑफिस में दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि उनका मुख्य जोर आईएस से छुटकारा पाने पर है।
 
उन्होंने कहा कि हम आईएस से छुटकारा पाने जा रहे हैं। यह होगा। यह अब हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षा मंत्री जनरल (सेवानिवृत) जेम्स मैटिस और उनकी टीम ने अच्छा काम किया है।
 
अल अबादी ने कहा कि आईएस एक आतंकवादी संगठन है जो विश्व की सुरक्षा के लिए खतरा है। अरबी भाषा में बात करते हुए इराकी प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आईएस से लड़ने में इराक आगे है।
 
प्रधानमंत्री और उनका प्रतिनिधिमंडल कुछ दिन वाशिंगटन में रहेंगे और इस दौरान उनकी कांग्रेस के नेताओं से भी मुलाकात करने की संभावना है। (भाषा)
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine
Widgets Magazine