कडवे प्रवचन : अपने लक्ष्य से कभी मत गिरो

- मुनिश्री तरुण सागरजी

WD|
FILE

* नेता व महिलाओं में एक समानता है प्रसव की। महिला के लिए नौ माह व नेताओं के लिए पांच साल का प्रसव वर्ष होता है। कोई गर्भवती महिला आठ माह अपने परिवार का ख्याल रखती है और नौवें महीने परिवार महिला का ख्याल रखता है।

नेता ठीक इसके विपरीत होते हैं। जनता चार साल तक नेताओं का ख्याल रखती है और नेता चुनाव आते समय एक साल जनता का ख्याल रखता है। महिला जिसे जनती है, उसे अपने गोद में बिठाती है। इसके विपरीत नेता कुर्सी में बैठकर बड़ा बनता है।

* मुझे तुम्हारे जीवन के पांच खोट चाहिए। ऐसी बुरी आदत मुझे दे दीजिए, जिससे पत्नी को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। बच्चों को स्कूल में दूसरों के सामने नीचे देखना पड़ता है। आप पांच खोट मुझे दे देंगे, तो मेरा और आपका कथा में साथ बैठना सार्थक हो जाएगा।
मैं आपकी गलत धारणाओं पर बुलडोजर चलाऊंगा। आज का आदमी बच्चों को कम, गलत धारणाओं को ज्यादा पालता है। इसलिए वह खुश नहीं है। इसलिए मुझे आपके नोट नहीं, आपके खोट चाहिए।

* इस मतलबी दुनिया को ध्यान से नहीं, धन से मतलब है। भजन से नहीं, भोजन से व सत्संग से नहीं, राग-रंग से मतलब है। सभी पूछते हैं कि घर, परिवार व व्यापार कितना है। कोई नहीं पूछता कि भगवान से कितना प्यार है।
* जीवन में अपने संकल्प, साधना व लक्ष्य से कभी भी मत गिरो। गिरना ही है, तो प्रभु के चरणों में गिरो। जहां उठाने वाला हो, वहां गिरना चाहिए। जो स्वयं गिरे हुए हो, वहां गिरना अंधों की बस्ती में ऐनक बेचने के समान है। उठने के लिए गिरना आवश्यक है। उसी तरह सोने के लिए बिछौना व पाने के लिए खोना जरूरी है।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

सोने की लंका का असली इतिहास

सोने की लंका का असली इतिहास
श्रीलंका सरकार ने 'रामायण' में आए लंका प्रकरण से जुड़े तमाम स्थलों पर शोध कराकर उसकी ...

खांडव वन में इस तरह बसाया था इंद्रप्रस्थ और पांडवों को मिले ...

खांडव वन में इस तरह बसाया था इंद्रप्रस्थ और पांडवों को मिले थे अद्भुत हथियार
कौरव और पांडवों के बीच जब राज्य बंटवारे को लेकर कलह चली, तो मामा शकुनि की अनुशंसा पर ...

क्यों सुनना चाहती थीं पार्वती अमरनाथ की अमरकथा, पढ़ें रोचक ...

क्यों सुनना चाहती थीं पार्वती अमरनाथ की अमरकथा, पढ़ें रोचक जानकारी...
एक बार पार्वतीजी से ने शंकरजी से पूछा, ‘मुझे इस बात का बड़ा आश्चर्य है कि आपके गले में ...

अगर ऐसे करते हैं उपवास तो नहीं मिलेगा आपको फल

अगर ऐसे करते हैं उपवास तो नहीं मिलेगा आपको फल
हिन्दू धर्म में संपूर्ण वर्ष में कई प्रकार के उपवास आते हैं, जैसे वार के उपवास, माह में ...

श्री देवी सहस्रनामावली : सफलता का परचम लहराना है तो पढ़ें ...

श्री देवी सहस्रनामावली : सफलता का परचम लहराना है तो पढ़ें मां दुर्गा के 1000 दुर्लभ नाम...
प्रतिदिन देवी सहस्रनामावली का जाप जीवन को वैभवशाली और ऐश्वर्यशाली बनाता हैं। इन नामों को ...

कैसे करें देवशयनी एकादशी व्रत, क्या मिलेगा इस व्रत का फल, ...

कैसे करें देवशयनी एकादशी व्रत, क्या मिलेगा इस व्रत का फल, जानिए...
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से भगवान श्री हरि ...

कैसा है शिव का स्वरूप, क्यों माने गए हैं स्वयंभू, जानिए...

कैसा है शिव का स्वरूप, क्यों माने गए हैं स्वयंभू, जानिए...
शिव यक्ष के रूप को धारण करते हैं और लंबी-लंबी खूबसूरत जिनकी जटाएं हैं, जिनके हाथ में ...

धर्म, अर्थ एवं मनोवांछित फल देती हैं आशा दशमी की यह पौराणिक ...

धर्म, अर्थ एवं मनोवांछित फल देती हैं आशा दशमी की यह पौराणिक व्रत कथा
इस कथा के अनुसार प्राचीन काल में निषध देश में एक राजा राज्य करते थे। उनका नाम नल था। उनके ...

शिव को प्रिय है रुद्राक्ष, यहां जानिए 21 मुखी रुद्राक्ष के ...

शिव को प्रिय है रुद्राक्ष, यहां जानिए 21 मुखी रुद्राक्ष के देवी-देवता और उनके चमत्कारिक मंत्र
पौराणिक मान्यता के अनुसार रुद्राक्ष का उद्भव शिव के नेत्रों से हुआ है। ये रुद्राक्ष इतने ...

24 से 30 जुलाई 2018 : साप्ताहिक राशिफल

24 से 30 जुलाई 2018 : साप्ताहिक राशिफल
पेशेवर स्तर पर आपको कोई बड़ा मौका मिलने वाला है। पेशेवर स्तर पर आपकी मेहनत रंग ला सकती ...

राशिफल