ध्यान गुरु अर्चना दीदी : अशांति के कोलाहल के बीच शांति का स्वर


सृजन में शोर नहीं होता। साधना के जुबान नहीं होती, किंतु सिद्धि में वह शक्ति होती है कि हजारों पर्वतों को तोड़कर भी उजागर हो उठती है। यह कथन ध्यानगुरु अर्चना दीदी पर अक्षरशः सत्य सिद्ध होता है। अर्चना दीदी ने साधना के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह बेजोड़ है।
 
चार साल की बालावस्था में उनमें गहन आध्यात्मिकता की विलक्षण रश्मियां प्रवाहित होने लगी। इस बात को उनके चारों ओर बहुत ही कम समय में हर कोई महसूस करने लगा था। खेलने-कूदने की उम्र में उन्हें भीतर की यात्रा में तल्लीन पाया गया। समय के साथ उनकी निरंतर और कठिन ध्यान और साधना ने उन्हें सिद्धि प्रदत्त की और वे जन-जन को अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने में सक्षम बनी। 
 
'सद्गुरु' के रूप में उनका अभिषेक किया गया और उन्होंने विशेषतः चक्र और कुंडलिनी शक्ति के एक निपुण गुरु के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने सुख, शांति, प्रेम और आध्यात्मिकता के प्रसार के उद्देश्य से सेलिब्रेटिंग लाइफ फाउंडेशन की स्थापना की। इस फाउंडेशन का उद्देश्य आनंद, शांति और जीवन-उत्सव के साथ सत्य को प्राप्त करना है।
 
ध्यान व ज्ञान कि मूर्तिमान स्वरूप अर्चना दीदी के दिव्य सान्निध्य में जब साधना का दुर्लभ अलौकिक अवसर प्राप्त होता है तब उनके मुखारविन्द से इस ॐ दिव्य ध्वनि की शक्तिशाली तरंगों, प्रकम्पनों से सम्पूर्ण वातावरण को तरंगित होते हुए देखने का साधकों का अनुभव उन्हें एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है। इसके लिए वे विभिन्न स्थानों पर शिविरों, सेमिनार, योग और प्राणायाम कार्यशालाओं का आयोजन कर साधकों को स्थूल शरीर से सूक्ष्म शरीर की यात्रा कराती है। 
 
जो साधक इस अवसर की दुर्लभता तथा महत्ता को समझता है, वही उस परम की परीक्षा में उत्तीर्ण होता है। इसी के साथ-साथ गरीब, अनाथ, बेसहारा बच्चों, शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों एवं वृद्धाश्रम के वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर वे खुशी देने और खुशी बटोरने की जीवनशैली को साकार कर रही है। आत्मविकास के साथ-साथ जन-जन के विकास को ही उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बना रखा है और यह एक दुर्लभ संयोजन है जो कम लोगों में देखने को मिलता है। 
 
 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine



और भी पढ़ें :