कतर : मोतियों वाला खूबसूरत देश

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विनय कुशवाहा
अरब देशों ने मिलकर एक छोटे से पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी। फारस की खाड़ी में स्थित मोती से दिखने वाले इस देश को खाने की कमी का सामना करना पड़ा। इस देश ने अरब देशों की शर्तों को मानने से इंकार कर नए विकल्प तलाश लिया। कभी रेत का टीला भर रहने वाले इस देश में आज ऊंची-ऊंची चमकदार इमारतें दिखाई देती हैं। जी हां, मैं बात कर रहा हूं की।
 
हमास जैसे आंतकवादी गुट को समर्थन और बढ़ावा देने के लिए सउदी अरब और अन्य अरब देशों ने मिलकर कतर पर पाबंदियां लगा दी। कुछ शर्तों के आधार पर उस पर पाबंदियां हटा लेने की बात कही गई, लेकिन कतर नहीं माना और पाबंदियां जारी रही। पहले भी कई बार कतर जैसे छोटे मुल्क पर पाबंदियां लग चुकी हैं। आखिर क्यों अरब देश मिलकर इस तरह की पाबंदियां लगाते है? इसके पीछे का कारण जानने से पहले हम थोड़ा कतर के बारे में जानते हैं। फारस की खाड़ी में स्थित यह देश जिसकी दक्षिणी सीमा केवल सउदी अरब से लगती है। इसकी आबादी लगभग 22 लाख है, जिसमें से बहुत से लोग प्रवासी हैं।
 
कतर अति उच्च मानव विकास वाला देश है। उच्च आय वाला देश है जो आज समृद्धि के शिखर पर है। कतर की गिनती उन देशों में की जाती है जहां तेल और गैस का भंडार है। कतर में दुनिया का सबसे बड़ा गैस का भंडार है। इसी तेल और गैस के कारण कतर आज सफलता की सीढ़ी चढ़ता जा रहा है। यही तेल और गैस इस क्षेत्र में विवाद का कारण है। अरब देशों खासकर सउदी अरब को यह बात खटकती है कि एक अदना-सा मुल्क कैसे इतनी जल्दी इतना समृद्ध हो गया। कतर हमेशा से ऐसा समृद्ध नहीं रहा, 50 साल पहले तक यहां दूर-दूर तक रेत के टीले दिखाई देते थे और मोती पैदा करने का काम किया जाता था।
 
कतर के इतिहास में जाए तो हमें पता चलता है कि 1783 तक कतर तुर्की के हाथ में था। ब्रिटिश औपनिवेश बनने के बाद कतर का नाता ब्रिटेन से गहरा गया। जब ब्रिटेन ने कतर को आजाद किया तो उसकी बागडोर उसने सउदी अरब के हाथ में दे दी। अब सउदी अरब कतर का कर्ता-धर्ता बन गया। मोहम्मद अल थानी को वर्तमान कतर का संस्थापक कहा जाता है। शेख हमद ने जब कतर की सत्ता को अपने हाथ में लिया तो उन्होंने सउदी अरब से अपने आप को अलग कर लिया। इस पर सउदी अरब को बहूत टीस हुई जो अभी तक जारी है। कतर को अब सउदी अरब से रक्षा के संबंध में डर महसूस हुआ। कतर के पास इतनी जनसंख्या नहीं थी कि वो खुद की सेना बना सके, इसलिए उसने दूसरे देशों को अपने देश में सैनिक अड्डा बनाने के लिए आमंत्रित किया। 
 
अमेरिका ने कतर में देश बाहर सबसे बड़ा सैनिक अड्डा बनाया। इसमें भी एक और पेंच है। जो सैनिक अड्डा कतर में स्थापित किया गया, वह पहले सउदी अरब में था। इसके पीछे यह कारण हो सकता है कि कतर इतनी सुविधाएं प्रदान कर रहा है जितनी कोई देश शायद ही कर पाए। यह भी कारण हो सकता है कि सउदी को कतर फूटी आंख न सुहाता हो। कतर भी जानता है कि तेल और गैस के भंडार ज्यादा समय तक साथ नहीं दे सकते, इसलिए उसने कई विकल्प खोजें जिनमें अपने हमदर्द की तलाश की। जब अरब देशों ने कतर पर पाबंदियां लगाई और खाने की कमी हो गई, तो ईरान ने तुरंत कारवाही करते हुए एक विमान के जरिए खाने का सामान भेज दिया। कतर तेल और गैस के जरिए एशियन, यूरोपियन और अमेरिका के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ कर रहा है। 
 
कतर की ऐसी कुछ खास पहचान नहीं है, परंतु अलजजीरा चैनल के जरिए उसे अलग ही पहचान मिली। अलजजीरा कतर का माउथपीस बन गया। कतर ने अलजजीरा का गलत फायदा भी उठाया। अलजजीरा ने अरब क्रांति में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, खूब कवरेज दिया। इजिप्ट की सरकार को गिराने और मुस्लिम लीग की सरकार बनाने में अलजजीरा का बड़ा हाथ था। कतर तो यह भी चाहता था कि किसी तरह बशर-अल-असद की सरकार गिर जाए और वहां उनकी मर्जी की सरकार बन जाए। इसी कारण कई अरब देशों ने अलजजीरा पर पाबंदियां लगा दी। 
 
अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कतर ने ब्रिटेन में कई संपत्तियों में निवेश किया है जिनमें लंदन की मशहूर इमारत 'द शॉर्ड' भी शामिल है। जर्मनी की फुटबॉल टीम पेरिस सेंट जर्मेन को भी खरीद लिया। कतर भले लगभग पूर्णत: राजशाही वाला देश है लेकिन उसने अपने नागरिकों को आगे रखने के लिेए बहुत से काम किए। एजुकेशन हब के जरिए कतर अरब का शिक्षा का केन्द्र बनता जा रहा है। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस खोले है जिसमें जॉर्जटाउन जैसी यूनिवर्सिटी शामिल है। 
 
कतर एयरवेज को फाइव स्टार होटल के नाम दिया जाए तो गलत ना होगा। एयरवेज के सहारे दूसरे नागरिकों को कतर की ओर आकर्षित किया गया और को बढ़ावा दिया गया। कतर ने लोगों को आकर्षित करने और शोहरत दिखाने के लिए बहुत कुछ किया। फीफा वर्ल्ड कप 2022 भी एक उदाहरण है जिसके आयोजन की जिम्मेदारी कतर को सौंपी गई है। आगे क्या होगा किसी को कुछ नहीं पता। कतर के पास ढ़ेर सारे विकल्प है जिनमें से एक निकालेगा और समस्या सुलझा लिया जाएगा।
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