जानिए, भारत विभाजन के 10 बड़े कारण

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गांधी की अहिंसा और गांधी-नेहरू के बीच बढ़ती दूरियां-
गांधी और नेहरू के बीच कई बातों को लेकर मतभेद थे। सन् 1945 तक गांधी का युग खत्म होकर नेहरू का युग शुरू हो गया था तब गांधी एक तरह से हाशिए में चले गए थे, लेकिन देश में जनता उन्हें चाहती थी। दोनों के बीच के विचारों में मतभेद की वजह से दुरियां बढ़ने लगी थी।

1890 के दशक से ही कांग्रेस के स्तंभ मोतीलाल नेहरू ही जवाहरलाल नेहरू को कांग्रेस में लेकर आए थे। तब नेहरू तीस की उम्र के करीब थे और वे गांधी से बहुत प्रभावित थे। लेकिन जब उनके विचार विकसित हुए तो उनमें और गांधी में वैचारिक मतभेद शुरू हो गए।
गांधी नेहरू पर भरोसा करते रहे कि वह वयस्क राजनीतिक मुद्दे उनके समक्ष नहीं उठाएंगे। लेकिन गांधी के प्रिय होने की वजह से नेहरू यह मान कर चल रहे थे कि वह कांग्रेस की अगुआई करने और आजादी के बाद देश पर राज करने में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ देंगे। और, ऐसे उन्होंने किया भी। उन्होंने गांधीजी के एक भी सुझावों को नहीं माना।

क्या है वो तीसरा कारण, जो देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार है...पढ़ें अगले पेज पर...


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