श्री कृष्ण के देश में प्लास्टिक और कचरा खाने पर मजबूर गायें?

जन्माष्टमी विशेष : आज जरूरत हैं श्रीकृष्ण के प्रिय गायों की रक्षा की...

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- युद्धवीर सिंह लांबा 'भारतीय' हरियाणा

भगवान श्रीकृष्ण के देश में पवित्र अपनी प्राणरक्षा के लिए कूड़े के ढेर में कचरा और खाने पर मजबूर है।

हिन्दू मानते हैं कि समुद्र मंथन से गाय उत्पन्न हुई। भविष्य पुराण में कहा गया है कि गाय स्वर्ग और मोक्ष की सीढ़ी है। गाय, गोपाल, गीता, गायत्री तथा गंगा भारत की सभ्यता और संस्कृति का आधार हैं। भारत में गाय को देवी का दर्जा प्राप्त है।
पुराणों के अनुसार गाय के भीतर सभी देवताओं का वास माना गया है। भारतीय समाज में यह विश्वास है कि गाय देवत्व और प्रकृति की प्रतिनिधि है इसलिए इसकी रक्षा और पूजन कार्य श्रेष्ठ माना जाता है।

में गाय को पवित्र माना जाता है और इसे मारना पवित्रता का अनादर समझा जाता है। हिन्दू धर्म में गाय की पूजा की जाती है, क्योंकि गाय में करोड़ों देवी-देवताओं का वास माना गया है।
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गोस्वामी तुलसीदास ने भगवान राम के अवतार का एक कारण गौरक्षा को बताया है। भगवान कृष्ण का पूरा जीवन गाय की सेवा में व्यतीत हुआ। हिन्दू गायों की सेवा को ही परम धर्म मानते हैं। हिन्दू मानते हैं जिस घर में गाय की सेवा होती है उस परिवार के कलह-क्लेश व सभी प्रकार के वास्तुदोष दूर हो जाते हैं।
हिन्दू धर्म में गाय की पूजा सुख-समृद्धि देने वाला धार्मिक कर्म माना गया है। प्राचीन भारत में गाय समृद्धि का प्रतीक मानी जाती थी। भारतीय संस्कृति में गाय का बेहद उच्च स्थान है।

हिन्दू धर्म में तो गाय के महान और अनमोल गुणों को देखते हुए उसे मां, देवी और भगवान का दर्जा दिया गया है। गाय वैदिक कल से ही भारतीय धर्म, संस्कृति, सभ्यता और अर्थव्यवस्था का प्रतीक रही है। अथर्ववेद में गाय को 'धेनु: सदनम् रमीणाम' कहा गया है और इसे धन-संपत्ति का भंडार कहा गया है।


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