रेकी से आप रहेंगे स्वस्थ और सकारात्मक


रविकांत द्विवेदी> आज की भागती दौड़ती जिंदगी में लोगों की एक बहुत बड़ी समस्या उनका है। वातावरण में दिनों-दिन बढ़ रहे वायु प्रदूषण, खान-पान में अनियमितताएं, युवाओं में गैजेट्स के प्रति बढ़ता लगाव जैसी तमाम ऐसी समस्याएं हैं जिनसे अधिकांश लोग पीड़ित हैं। शायद यही वे सारी वजहें हैं जिनकी वजह से आज लोगों की उम्र पहले की तुलना में घटती जा रही है। ऐसे में अधिकांश लोग दवाओं का सहारा लेकर खुद को स्वस्थ रखने की कोशिश करते हैं। लेकिन जरा सोचिए अगर आप बिना दवाओं का सहारा लिए, प्राकृतिक तरीके से निरोग हो जाएं तो शायद इससे बेहतर आपके लिए कुछ और नहीं हो सकता। 
 
लोगों को निरोग बनाने की ऐसी ही एक विधा है रेकी। इस विधा के सहारे लोगों को हील करके निरोग बनाया जाता है वो भी प्राकृतिक तरीके से। इसके कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होते और इसका असर कुछ ही घंटो में आपको दिखने लगता है। सबसे खास बात यह है कि रेकी के जरिए आप दूर दराज इलाकों में बैठे लोगों का भी इलाज आप आसानी से कर सकते हैं। रेकी ग्रैडमास्टर और साइंस दैट हील्स ट्रेनिंग एंड काउंसिलिंग सेंटर चलाने वाली पोएम डालमिया बताती हैं कि हीलींग के माध्यम से बड़े से बड़े रोग को हम आसानी से ठीक कर सकते हैं और वो भी बिना लंबे चौड़े खर्च के। पोएम बताती हैं कि आज का युवा वर्ग थायराइड जैसी बीमारी से बहुत जल्दी ग्रसित हो जाते हैं और उन्हें तरह तरह की दवाईंया खा कर खुद को ठीक करना पड़ता है लेकिन रेकी के जरिए थायराइड को हील करके बड़े ही आसानी के साथ ठीक किया जा सकता है। 2007 से रेकी सीखकर लोगों को हील करके ठीक करने में पोएम को काफी आनंद आता था और उनकी कोशिश होती थी कि समाज का हर तबका पूरी तरह से निरोग रहे। उनका मानना है कि रेकी को कोई भी आसानी से सीख सकता है और दूसरों को टच थैरेपी के जरिए ठीक भी कर सकता है। वो चाहती हैं कि लोग बार-बार उनके पास ना आएं, बल्कि रेकी सीखकर दूसरों को ठीक करने में मदद करें। रेकी में महारत हासिल करने के बाद उन्होंने रेकी में कुछ एक्सपेरिमेंट करना शुरु किया जिससे कि लोगों के घरों में शांति और संपन्नता बनी रहे। इसके लिए उन्होंने रेकी, क्रिस्टल और पिरामिड कॉकटेल तैयार किया है।

पोएम डालमिया बताती हैं कि रेकी से आप निरोग होते हैं और क्रिस्टल व पिरामिड के मिश्रण से आपका घर पूरी तरह से सकारात्मक एनर्जी देता है जिससे आपका जीवन और सुखमय हो जाता है। उनके मुताबिक अधिकांश पंडित महंगे महंगे रत्न लोगों को पहनने के लिए बोलते हैं और सामान्यतया आम लोग इसे नहीं खरीद पाते। ऐसे में उनके पास क्रिस्टल के रुप में एक बेहतर विकल्प है, क्योंकि क्रिस्टल हमारे अंदर चक्रों के आधार पर ही काम करते हैं। मानव शरीर में मुख्यतौर से सात और कुल मिलाकर 44000 से अधिक चक्र होते हैं जिनपर अगर हम काम करें, तो हमारे लिए इनसे फायदेमंद और कुछ भी नहीं।
 
उदाहरण के तौर पर पोएम बताती हैं कि का मिन येंग बागुआ एक ऐसा सिंबल है, जिससे वाशरुम की निगेटिव एनर्जी के खत्म करके आपके घर में सकारात्मकता ला सकते हैं। इस तरह पाकुआ मिरर आपके घर के अंदर की निगेटिव एनर्जी को अपने अंदर समाहित करता है और पॉजीटिव तरंगों को चारों तरफ फैलाता है। कहा जाता है ना कि अगर आप का घर स्वस्थ है, आप स्वस्थ हैं तो आपका आने वाला कल निश्चित ही बेहतर होगा, जिसे आप नकार नहीं सकते।>  
बकौल पोएम साइंस दैट हील्स का वास्तविक मतलब ही यही है कि एक ऐसा विज्ञान जो आपकी सारी समस्याओं का निदान करे। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इस विधा के जरिए ना केवल आप निरोग होंगे, आपके घर में सुख शांति आएगी बल्कि आप एक स्वस्थ समाज का निर्माण करने में अपना योगदान दे सकते हैं।

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