...ताकि पति को मिल सके हिम्मत-मंजू विश्वास

- जयदीप कर्णिक

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अमेठी। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार और कवि की पत्नी मंजू उनके साथ पूरी ताकत और समर्पण के साथ खड़ी हुई हैं। वे यहां बच्चों के साथ आई ही इसलिए हैं कि उनके आने से कुमार की हिम्मत बढ़ेगी।

वेबदुनिया के संपादक से बातचीत के दौरान मंजू कहती हैं कि हमने यहां जमीन खरीद ली है और बच्चों को यहां एक स्कूल में प्रवेश भी दिला दिया है। वे इसे पोलिटिकल स्टंट कतई नहीं मानती।

वे कहती हैं कि अमेठी में कुछ भी काम नहीं हुआ है। इतने बड़े अमेठी में एक ही अच्‍छा स्‍कूल है। जिस जगह मैं रहती थी वहां कम से कम 10 अच्‍छे स्‍कूल हैं और यहां पूरे विधानसभा क्षेत्र में केवल 5 स्‍कूल हैं, जिसमें से केवल अमेठी में एक पब्‍लिक है।
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जब उनसे पूछा गया कि कुमार ने कविता छोड़ राजनीति की राह अपनाई है और इसका सबसे ज्यादा असर आप पर पड़ा है? कितना कठिन है इस सफर में साथ देना? वे कहती हैं कि मैं हर हाल में अपने पति के साथ हूं। राहुल गांधी के बारे में मंजू कहती हैं कि यहां के लोगों में राहुल के प्रति आक्रोश है, लेकिन किसी और पार्टी ने पिछली बार यहां उम्‍मीदवार ही खड़े नहीं किए। इन लोगों की मजबूरी है राहुल गांधी। 65 साल बाद जनता को मौका मिला है, इनके विरुद्ध जाने का।
आप की लहर नहीं होने की बात पर वे कहती हैं इस बात का फैसला जनता करेगी। हालांकि वे मानती हैं कि यह पार्टी अभी सीख रही है, और गलतियां हो जाती हैं। हम हर गलती से सीख लेना चाहते हैं। वे केजरीवाल के दिल्ली सरकार से अस्तीफा देने की फैसले को भी सही मानती है।

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