हास्य कविता : अयोध्या-कांड


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 शशांक तिवारी
राम को मिलते लाइक्स पर, कैकेयी बेचैन
भरत की सुंदर सेल्फी पर, लाइक अभी तक तीन
 
फ्रेंड मंथरा आयके, दिया एक सुझाव
बिन नेट पैक ही गिरेगा, सेल्फी का ये भाव  
 
कैकेई दौड़ी गई, बोली दशरथ कान
राम को पैसा ना मिले, मांगा ये वरदान
 
इधर राम को पता चला, हुए बहुत लाचार
धोती कुरता पहिन के, चले नगर के पार
 
दसरथ को मैसेज कर, निकल पड़े श्रीराम
साथ में सीता मां और भाई था लक्ष्मण नाम
 
पुत्र वियोग में दशरथ, हो गए अति बीमार
फाइनल हार्ट अटैक में, छोड़ गए संसार
 
ऐसा देख के भरत ने, मां को दी फटकार
एक जीबी के खातिर, क्यों किया ये अत्याचार 

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