पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रबर का विशाल पेड़

भाषा|
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के जिले में 100 साल से भी अधिक पुराना का एक विशाल पेड़ पर्यटकों के का केंद्र बना हुआ है क्योंकि वन विभाग ने इसे राज्य का सबसे बड़ा पेड़ घोषित किया है।

स्थानीय लोग इसे ‘अतांग अने’ कहते हैं। रबर यानी फाइकस इलेस्टिका के इस पेड़ का कुल व्यास 59.3 मीटर है और यह यिंगकियोंग वन क्षेत्र के अंतर्गत पूर्वी सियांग जिले के केबांग सर्किल में दूरस्थ कालेक गांव के समीप स्थित है।

इस पेड़ को हिमालयी राज्य में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ाने के लिए राज्यपाल जे.जे. सिंह की एक योजना के तहत राज्य का सबसे विशाल पेड़ घोषित किया गया है।
राज्य के वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक आर.के. ताज ने बताया ‘ऐसे पेड़ परंपरागत तौर पर धार्मिक महत्व रखते हैं। वैसे भी रबर का पेड़ सजावट के लिए खास होता है।’ कालेक गांव के उत्तर में स्थित इस पेड़ तक पहुंचने के लिए समीपवर्ती सड़क से तीन घंटे की चढ़ाई है।

गांव के एक बुजुर्ग तमांग तमुक ने कहा ‘यह पेड़ एक ग्रामीण साइबेंग तमुक ने 20वीं सदी के शुरू में, वर्ष 1911 में हुए एंग्लो-एबोर युद्ध से बहुत पहले लगाया था।’ तमुक ने कहा ‘हालांकि अब साइबेंग तमुक हमारे बीच नहीं है लेकिन वन संरक्षण के उसके प्रयास अब रंग ला रहे हैं और राज्य सरकार भी इन प्रयासों को पूरा महत्व दे रही है।’ (भाषा)

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