आमतौर पर जतिन पंडित को कम बोलने वाला और सुदेश भोसले को बर्हिमुखी माना जाता है। लेकिन ‘झूम इंडिया’ कार्यक्रम में इसका उल्टा हो रहा है।
इस कार्यक्रम में जतिन अपने विचार व्यक्त करने से हिचक नहीं रहे हैं और सुदेश चुपचाप जजों के निर्णय को सुनते हैं और अपनी तरफ से कुछ भी नहीं कहते। सभी को हैरानी हो रही है।
इन दोनों की स्वभाव में अचानक इतना परिवर्तन कैसे आ गया। कुछ लोगों का इशारा मृणाल कुलकर्णी और छवि की तरफ है।
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