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गृहस्थी : महिलाओं के संघर्ष की कहानी
Grahasthi
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ज्यादातर भारतीय महिलाएँ घर पर किसी पुरुष की मौजूदगी में अपने आपको सुरक्षित महसूस करती हैं। एक पुरुष बाहरी दुनिया और घर की महिलाओं के बीच दीवार का काम करता है। क्या हो, यदि यह दीवार ढह जाएँ तो? यही कहानी है स्टार प्लस पर 25 फरवरी से शुरू होने जा रहे नए धारावाहिक ‘गृहस्थी’ की।

खुराना परिवार में सात महिलाओं के बीच एकमात्र पुरुष बलराज खुराना हैं। अपने आपको उसकी छत्रछाया में सुरक्षित महसूस करने वाली महिलाएँ उस समय असुरक्षा की भावना से ग्रस्त हो जाती है जब वे बलराज नामक आधार स्तंभ को खो देती हैं।

इनमें से कोई दादी है, कोई माँ हैं तो कोई बेटी हैं। जब जमाने से इनका सामना होता है तो इन्हें कदम-कदम पर कठिनाइयाँ महसूस होती हैं। उन्हें इसकी कभी आदत नहीं थी। पुरुष प्रधान समाज में वे अपना वजूद ढूँढती हैं। उनके इस संघर्ष को इस धारावाहिक में रेखांकित किया गया है।

किरण कुमार और वैदेही अमृते जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ खुशबू, आरती सिंह और नेहा देसाई नामक नए चेहरे इसमें दिखाई देंगे।

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इस धारावाहिक के बारे स्टार प्लस की सीनियर क्रिएटिव डॉयरेक्टर अनुपमा मंडलोई का कहना है ’स्टार प्लस ने दोपहर के समय में भी अपने दर्शकों को नए और ताजगी भरे कार्यक्रम देने की कोशिश की है। उसी के अंतर्गत ‘गृहस्थी’ धारावाहिक शुरू किया जा रहा है। यह कहानी विपरीत परिस्थितियों में भी प्यार, आनंद और मजबूत पारिवारिक रिश्तों की कहानी है।‘

इस धारावाहिक को 25 फरवरी से प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार दोपहर ढाई बजे स्टार प्लस पर देखा जा सकेगा।
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