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कॉमेडी किंग : राजू श्रीवास्तव
- सुषमा पारचा

आप मानें या ना मानें पर यह सच है कि स्टार-वन के शो लॉफ्टर चैलेंज के दूसरे रनर अप रहने वाले अभिनेता और कॉमेडी के नए मुकाम रचने वाले राजू श्रीवास्तव उस शो में जज बने शेखर सुमन ही नहीं बल्कि पूरे देश की विजेता बनने के लिए पहली पसंद थे। राजू मानते हैं कि यह सब भाग्य की बात है।

सुनील पाल ही वहाँ सबसे सही और काबिल विजेता थे। आज देखा जाए तो वे इन सब बातों और विवादों से परे पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की भी पहली पसंद बन गए हैं। वे कानपुर से मुंबई फिल्में करने आए थे। यदि उन्हें कोई दमदार भूमिका मिली, तो वे जरूर करेंगे।

* यह दमदार क्या होता है?
जो दूसरों का दम निकाल दे। (हँसते हैं) ऐसा नहीं है, दरअसल मैं ऐसी भूमिकाएँ नहीं करना चाहता जिसमें मैं सिर्फ फिलर लगूँ। अब राजपाल यादव जैसे कलाकारों ने कॉमेडियन और कॉमेडी की परिभाषा बदल दी है।

* कॉमेडी की असली परिभाषा है क्या?
देखिए मैं एक कलाकार हूँ, कॉमेडियन नहीं। हमारे यहाँ ऐसा माना जाता है जबकि विदेशों में ऐसा नहीं है। वहाँ वे कॉमेडी को बतौर अभिनय की एक शाखा मानते हैं।

* हमारे यहाँ जॉनी वाकर, महमूद और केस्टो मुखर्जी से लेकर राजपाल यादव तक की लंबी सूची है?
वहाँ कलाकारों को उनकी हैसियत के हिसाब से दर्जा मिला है। हम यहाँ जिम कैरी जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर सकते। इसकी वजह है कि हमारे यहाँ कॉमिक कलाकारों और उनकी फिल्मों को भांडपना माना जाता है।

* आपका नया शो कामेडी का बादशाह कैसा शो है?
यह एक घंटे का ऐसा शो है, जिसमें पाँच राउंड में पाँच कामेडियन हैं। इनमें से एक चुना जाएगा।

* ऐसा ही शो आप दूरदर्शन पर भी कर रहे हैं?
नहीं, हर शो का अपना महत्व होता है। दूरदर्शन के शो लॉफ्टर चैंपियन्स का महायुद्ध और स्टार-वन के शो में बेसिक फर्क है कि वे अलग जॉनर्स के हैं।

* और उनमें राखी सावंत भी नहीं है?
ऐसी बात नहीं। यह चैनल का अपना फैसला होता है कि किसको को-होस्ट बनाना है।

* आपका अद्भुत कलाकार कौन-सा है?
जॉनी लीवर। मैंने उनके साथ करीब पाँच सौ शो किए हैं। तब मैं इतना परिचित चेहरा नहीं था।

* आप कानपुर के देहात से हैं। आपकी कामेडी में दुनिया भर का मसाला और ऊर्जा कहाँ से आती है?
अपने संघर्ष के दिनों में मैंने बसों और रेलगाड़ियों में खूब सफर किया है। वहाँ पूरा भारत जमा होता है। आज भी मेरे लिए बहुत कुछ बदला नहीं है। मैंने लोगों को पढ़ना और सुनना छोड़ा नहीं है। शायद मेरा जमीन से जुड़े रहना ही उन्हें अच्छा लगता है।

* आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी क्या है?
जब मेरी बेटी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहादुरी के लिए पुरस्कार मिला।
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