चमकती संगमरमर की लगभग सौ फीट ऊँची दीवारें... बीच में कल-कल बहती नर्मदा नदी पूरा माहौल बेहद पवित्र, बेहद शांत..पानी में चमकती सूर्य की किरणें... यह दिलकश नजारा है भेड़ाघाट का। पूर्णिमा की चाँदनी रात में यहाँ के सौंदर्य का वर्णन करना शब्दों में संभव नहीं है। ऐसे में आप नर्मदा में नौका-विहार करें तो रहस्यमय सौंदर्य का अनुभव करेंगे।
| कई हिंदी फिल्मकारों ने यहाँ शूटिंग की है। जिसका रोचक वर्णन गाइड अनोखे अंदाज में सुनाते हैं। ये नाव चालक कम गाइड लगातार बोलते रहते हैं। यदि आप खामोशी से इस जगह की खूबसूरती निहारना चाहें तो बस इन्हें एक बार चुप होने का इशारा करना होगा। |
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दो ऊँचे-ऊँचे संगमरमरी आईनों के बीच बहती नीली शांत नर्मदा आगे चलकर बेहद खूबसूरत धुआँधार जलप्रपात के रूप में गिरती है। चाँदनी रात में इस जैसा खूबसूरत स्थान शायद ही विश्व में कहीं हो। चाँदनी रात में सरकार की ओर से हर साल यहाँ उत्सव का आयोजन करवाया जाता है। जिसके तहत नौकाओँ की राजसी सज्जा की जाती है। साथ ही सारंगी, तबला जैसे पारंपरिक वाद्य-यंत्रों को कुछ नावों में खास तौर पर बजवाया जाता है।
मुख्य आकर्षणः- संगमरमरी चट्टानें- इस जलप्रपात क दोनों ओर खूबसूरत संगमरमर की चट्टाने हैं। इन उज्जवल-धवल चट्टानों के बीच नौका विहार की सुविधा नवंबर से मई तक उपलब्ध रहती है। चाँदनी रात में इसकी खूबसूरती और नौकाविहार का आनंद दुगना हो जाता है।
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