इस द्वीप में एक्वेरियम भी है जिसमें सुंदर मछलियों की प्रजातियाँ हैं। यहाँ काँच की तली वाली नौका में बैठकर आप समुद्री दुनिया का नजारा ले सकते हैं। इसके अलावा यहाँ वाटर स्पोर्ट्स जैसे केयाकिंग, कनोइंग और स्नोरकेलिंग का मजा भी ले सकते हैं।
कालपेनी यहाँ तीन द्वीप हैं जिनमें आबादी नहीं है। इनके चारों ओर लैगून की सुंदरता देखने लायक है। कूमेल एक खाड़ी है जहाँ पर्यटन की पूरी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यहाँ से पित्ती और थिलक्कम नाम के दो द्वीपों को देखा जा सकता है। यहाँ आप तैर सकते हैं, रीफ पर चल सकते हैं, नौका में बैठकर घूम सकते हैं और कई वाटर स्पोर्ट्स का आनंद ले सकते हैं।
कदमठ एक जैसी गहराई और दूर अनंत तक जाते किनारे कदमठ को स्वर्ग बनाते हैं। यही एकमात्र द्वीप है जिसके पूर्वी और पश्चिमी दोनों ओर लैगून हैं। यहाँ वाटर स्पोर्ट्स की बेहतरीन सुविधाएँ हैं।
मिनिकॉय यह कवरत्ती से 200 किमी दूर दक्षिण में है। मालदीव के करीब होने के कारण यहाँ भिन्न संस्कृति के दर्शन होते हैं। मिनिकॉय नृत्य परंपरा के मामले में बेहद समृद्ध है। विशेष अवसर पर यहाँ लावा नृत्य किया जाता है। यहाँ खासकर तूना मछली का शिकार और नौका की सैर आनंददायी है। अँग्रेजों के द्वारा 1885 में बनवाया गया प्रकाश स्तंभ देखने लायक है, पर्यटक यहाँ ऊपर तक जा सकते हैं।
कैसे जाएँ हवाई मार्ग से कोचीन से अगत्ती द्वीप तक सीधी हवाई सेवा है। अगत्ती से हेलिकॉप्टर या बोट के माध्यम से आगे जाया जा सकता है। दूसरे द्वीपों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध है। पानी के जहाज से केरल के कोचीन से जहाज की सेवा भी उपलब्ध है।
कब जाएँ अक्टूबर-नवंबर में यहाँ बारिश होती है और पानी के जहाज चलना बंद हो जाते हैं। फिर भी हेलिकॉप्टर के माध्यम से आप यहाँ जा सकते हैं। इन दिनों मौसम कुछ ठंडा हो जाता है लेकिन अन्य दिनों में गर्मी रहती है।
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