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इंदौर के ख्यात गणपति मंदिर  Search similar articles
नेहमित्त
दक्षिण भारत में भगवान गणेश जी की पूजा को अधिक मान्यता दी गई है। इंदौर में दो ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जहाँ पर गणेश जी की आराधना भव्यता से की जाती है। वास्तुकला के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के धार्मिक स्थलों के लिए यह शहर प्रसिद्ध है। शहर की भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी से अगर आप थक गए हों तो आप मा‍नसिक शांति के‍ लिए इन धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकते हैं।

बड़ा गणपति मंदिर

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हर साल, गणेश चतुर्थी के दिन बड़ा गणपति मंदिर में हजारों एवं लाखों भक्तजन भगवन के दर्शन के लिए उपस्थित होते हैं। भगवान गणेश से मन्नत माँगने के लिए देश के विभिन्न जगह से श्रद्धालुजन इस मंदिर में आते हैं। आरती तथा पूजा का आयोजन किया जाता है। बड़ा गणपति मंदिर में भक्तजन चाहें वे निम्न वर्ग तथा उच्च स्तर के हों सभी एकत्रित होकर भगवान गणेश की आराधना करते हैं।

धन, दान के रूप में गरीबों तथा जरूरतमंद लोगों को दिया जाता है। भगवान गणेश को उनके प्रिय लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे खुश होकर भगवान जनकल्याण के लिए आशीर्वाद देते हैं और सभी की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

सन 1875 में इस भव्य मंदिर का निर्माण किया गया था। इसमें गणपतिजी की विशाल मूर्ति विराजमान है। 25 फुट ऊँची यह मूर्ति, विश्व की सबसे विशाल प्रतिमा है। पौराणिक कथा के अनुसार इंदौर के एक नागरिक ने स्वप्न में भगवान गणेश को देखा तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उन्होंने गणेशजी की मूर्ति स्थापित करने के लिए तैयारियाँ प्रारंभ कर दीं। भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा के कारण ही मंदिर का नाम बड़ा गणपति मंदिर रखा गया।

खजराना मंदि
एक ऐसा स्थान आपको नजर आएगा जहाँ पर धर्म संबंधी अनेकता में एकता की मिसाल आपको दिखाई देगी। इंदौर के प्रसिद्ध खजराना क्षेत्र में मंदिर तथा मस्जिद दोनों ही पास-पास स्थित हैं। मंदिर में गणेशजी की मूर्ति तथा पास ही नाहर सैयद की दरगाह है। इन दोनों स्थानों पर दोनों धर्म के श्रद्धालु आराधना के लिए देश के कोने-कोने से आते हैं।
  मंदिर में गणेशजी की मूर्ति तथा पास ही नाहर सैयद की दरगाह है। इन दोनों स्थानों पर दोनों धर्म के श्रद्धालु आराधना के लिए देश के कोने-कोने से आते हैं।      


इंदौर में यह दूसरा गणेश मंदिर है जहाँ ऐसा माना जाता है कि अगर कोई भक्त मन्नत माँगे तो वह पूरी होती है। इस मंदिर का निर्माण होलकर राज्य की महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था। मंदिर के पास नाहर सैयद की दरगाह पर भी मुसलमान सहित अन्य धर्म के श्रद्धालु आते हैं। गणेश जी की मंदिर में विभिन्न संस्कृति तथा सभ्यता के लोग यहाँ पर आकर भगवान की आराधना करते हैं तथा मुराद पूरी हो जाने पर भगवान गणेश को लड्डूओं का भोग लगाते हैं

यहाँ समूचे इंदौर के ही नहीं बल्कि बाहर के लोग भी आते हैं। लेकिन इंदौर वासियों के लिए यह एक विशेष महत्व रखता है। यूँ तो हर दिन मंदिर में आरती-पूजा आदि होते है पर बुधवार के दिन विशेष आरती-पूजा होते हैं जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल होकर गजानन का आशीर्वाद लेते हैं।

आप इंदौर में ट्रेन या हवाईजहाज द्वारा इस स्थान पर पहुँच सकते हैं। बस या गाड़ी के माध्यम से इस स्थान के दर्शन कर सकते हैं।
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