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महाकाल की नगरिया उज्जैन
Shruti AgrawalWD
सांदीपनि आश्रम : उज्जैन केवल धार्मिक राजधानी नहीं, बल्कि पुरातनकाल में शैक्षणिक राजधानी भी माना जाता था। द्वापर युग में यहाँ सांदीपनि नामक प्रमुख गुरुकुल था। ये वही गुरुकुल है, जहाँ श्रीकृष्ण और सुदामा ने विद्या अध्ययन किया था।

अन्य आकर्षण : इसके अलावा वेधशाला, भर्तृहरि की गुफा, चिंतामण गणेश मंदिर, शनि मंदिर, नवग्रह मंदिर, रामघाट, गोपाल मंदिर, चारधाम मंदिर, गढ़कालिका मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर आदि भी देखने योग्य हैं

कब जाएँ : यूँ तो सालभर यहाँ घूमने जाया जा सकता है, लेकिन शिवरात्रि और श्रावण मास में महाकाल के इस नगर का रूप निराला होता है। पूरा नगर शिवभक्ति में डूब जाता है। सावन के महीने में यहाँ श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

Shruti AgrawalWD
कैसे जाएँ : सड़क मार्ग से - उज्जैन-आगरा-कोटा-जयपुर मार्ग, उज्जैन-बदनावर-रतलाम-चित्तौड़ मार्ग, उज्जैन-मक्सी-शाजापुर-ग्वालियर-दिल्ली मार्ग, उज्जैन-देवास-भोपाल मार्ग, उज्जैन-धुलिया-नासिक-मुंबई मार्ग

रेल मार्ग : उज्जैन से मक्सी-भोपाल मार्ग (दिल्ली-नागपुर लाइन), उज्जैन-नागदा-रतलाम मार्ग (मुंबई-दिल्ली लाइन), उज्जैन-इंदौर मार्ग (मीटरगेज से खंडवा लाइन), उज्जैन-मक्सी-ग्वालियर-दिल्ली मार्ग

वायु मार्ग : उज्जैन से इंदौर एअरपोर्ट लगभग पैंसठ किलोमीटर दूर है

कहाँ ठहरें : उज्जैन में अच्छे होटलों से लेकर आम धर्मशाला तक सभी उपलब्ध हैं। इसके साथ-साथ महाकाल समिति की महाकाल और हरसिद्ध‍ि मंदिर के पास अच्छी धर्मशालाएँ हैं। इन धर्मशालाओं में एसी, नॉन एसी रूम और डारमेट्री उपलब्ध हैं। मंदिर प्रबंध समिति इनका अच्छा रखरखाव करती है

बजट : उज्जैन में आप कम से कम और ज्यादा से ज्यादा खर्चा कर सकते हैं। वैसे उज्जैन दर्शन के लिए पाँच हजार रुपए पर्याप्त होंगे।

टिप्सः-
1.महाकाल के दर्शन करते समय भीड़ का खास ध्यान रखें। शिवरात्रि और सावन सोमवार के दिन यहाँ लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। ऐसी भीड़ में नवजात और दुधमुँहे बच्चों को ले जाने से बचें। यदि बुजुर्ग और बच्चे साथ हों तो उनका खास ख्याल रखें।
2.यदि विशेष पूजा-अर्चना करवाना चाहते हों तो मंदिर प्रशासन द्वारा नियमित दरों पर रसीद कटवाने के बाद करवाएँ।
3.उज्जैन दर्शन के लिए आप टेम्पो जैसी आम सवारी काफी सस्ती दरों में बुक कर सकते हैं। ये आपको शहर के हर मंदिर के दर्शन आराम से करवा देंगे
4.यदि सिंहस्थ जैसे बड़े महोत्सव में भाग लेने जा रहे हैं, तो अपने साथियों का खास ध्यान रखें। प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करें और बाहर खाने-पीने से बचें।
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