कोयम्बटूर। नीलगिरी जाने वाले पर्यटकों को कोयम्बटूर में उन्हें उतरना पड़ता है। इसलिए कोयम्बटूर को मैनचेस्टर ऑफ इंडिया के नाम से जान जाता है। तमिलनाडु के राज्य मंत्रालय ने पर्यटकों के अभिवादन के लिए यह संदेश कोयम्बटूर के ऑटोचालकों के बीच भेजा है। ओटो रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि कि किस प्रकार से वे पर्यटकों के साथ बातचीत कर सकते हैं। खास तौर पर वो लोग जो बाहर के तमिलनाडु में आए हैं। इससे राज्य में पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 100 चालकों को सिखाया जा रहा है कि वे पर्यटकों से किस प्रकार से बात करें और उनका व्यवहार कैसा हो। इसके साथ ही विभिन्न भाषाएँ उन्हें सिखाई गईं। जिससे कि घरेलू एवं अतंराष्ट्रीय पर्यटकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
| | तमिलनाडु के पर्यटन विभाग के सचिव ईराइ अन्बू ने कहा कि कोयम्बटूर एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहाँ पर पर्यटक आकर ठहरते हैं। |
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तमिलनाडु के पर्यटन विभाग के सचिव ईराइ अन्बू ने कहा कि कोयम्बटूर एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहाँ पर पर्यटक आकर ठहरते हैं। इस कार्यक्रम के तहत हम दुकानदारों, मंदिर के पुजारियों तथा अन्य को भी प्रशिक्षण देंगे। लेकिन इसकी शुरुआत अभी ऑटोचालकों से की गई है क्योंकि पर्यटकों को शुरुआत में उनसे ही काम पड़ता है। ऑटो चालकों ने भी इसका स्वागत किया है और प्रशिक्षण में रूचि ले रहे हैं। तमिलनाडु के ऑटोरिक्शा संघ के अध्यक्ष ने कहा कि पर्यटन विभाग न हमें मौका दिया है कि विशेष शिक्षा के माध्यम से हम पर्यटकों की और मदद कर सकते है। वह निश्चित मूल्य पर ऑटो चलाएँगे। शुरू में इससे जरूर हमें नुकसान होगा लेकिन दीर्घकालिक लाभ भी मिलेंगे। इस कार्यक्रम के तहत 39 ऑटो चालकों ने अपना पंजीयन करवा लिया है। पहले चरण में सौ से अधिक ओटोरिक्शा वालों ने पर्यटकों को दक्षिण भारत में यातायात करते देखा है। यह स्थान नीलगिरी के मुहाने पर है।
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