पाकिस्तान के पर्यटन विभाग ने अब अपने दरवाजे भारत के सिख पर्यटकों के लिए खोल दिए हैं। ये अब सीधे लाहौर हवाई अड्डा पर उतर सकेंगे। इससे पाकिस्तान को प्रति वर्ष 50 करोड़ डॉलर उपार्जन करेंगे। यह बात अमृतसर के स्थानीय समाचर पत्र के संपादक बलजीतसिंह बरार ने लाहौर में कही।
उन्होंने कहा कि 20,000 से अधिक सिख श्रद्धालु प्रतिवर्ष चार मुख्य धार्मिक आयोजनों में भाग लेने के लिए पाकिस्तान आते हैं। यदि सिख पर्यटन को और बढ़ावा मिले तो यह संख्या पाँच लाख तक पहुँच सकती है। कहने का तात्पर्य यह है कि यदि लाहौर हवाई अड्डा सिख पर्यटकों के लिए खोल दिया जाए तब 5 लाख से ज्यादा सिख पर्यटक प्रति वर्ष पाकिस्तान भ्रमण करने आएँगे।
पाकिस्तान की सरकार परियोजना कर रही हैं कि हर साल सिखों के लिए आयोजित समारोह की संख्या चार से बढ़ाकर नौ कर दी जाए। बरार ने कहा कि इस निर्णय से हर महीने सिख समुदाय के हजारों लोग पाकिस्तान के धार्मिक तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकेंगे।
पाकिस्तान के सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन करते समय ‘डेली टाइम्स’ से उक्त बात कही। लाहौर हवाई अड्डा की सुविधा अमृतसर हवाई अड्डा से बेहतर हैं। उनके मुताबिक सिख व्यापारियों के हित में है कि वे लाहौर हवाई अड्डे पर उतरें न कि दिल्ली हवाई अड्डे पर जो अमृतसर से काफी दूर पर पड़ता है।
भारत-पाक के मध्य हुई वीजा संधि के आधार पर दोनों देशों के पर्यटकों के प्रवेश पत्र के नियमों में संशोधन करना चाहिए। पाकिस्तान में सिख पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पयर्टकों को प्रवेश पत्र देना चाहिए।
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