पहाड़ों की गोद में - यूँ तो सर्दियों में लोग हलकी गर्माहटभरी जगहों पर घूमना पसंद करते हैं, लेकिन कुछ नया चाहने वालों की पसंद होती है जरा हटकर। फिर भारत जैसे देश में बर्फबारी देखने का मौका भी इसी समय मिलता है। यदि आप भी बर्फबारी पसंद करते हैं तो तुरंत रुख कीजिए हिमाचलप्रदेश की ओर और दर्शन कीजिए पहा़ड़ों की रानी शिमला का। शिमला की भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं तो हिमाचल के छोटे शहरों या गाँवों का रुख कर सकते हैं। प्रकृति के कुशल चितेरे की सुंदर कल्पनाओं को निहारना हो तो चम्बा से खूबसूरत कुछ नहीं हो सकता। हिमाचलप्रदेश की ही तरह उत्तरांचल की ओर रुख करके देखिए, आप विदेश भ्रमण का ख्याल ही मन से निकाल देंगे। यदि चाय बागानों की महक में तरोताजा होना चाहते हैं तो ऊटी और दार्जिलिंग जाइए।
यहाँ की नैसर्गिक खूबसूरती आपका मन मोह लेगी। सिक्किम और कश्मीर भी आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित होंगे। पहाड़ों पर इस समय ठंड काफी होगी, लेकिन सर्दियों में यहाँ घूमने का मजा ठीक उसी तरह है जैसे ठिठुरते हुए आइसक्रीम खाना। इस सुंदर अनुभूति को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। इस बारे में और अधिक जानकारियाँ निम्न लिंक्स से मिल सकती हैं- पर्वतों की रानी 'मसूरी' प्रकृति का अचम्भा है चम्बा सिक्किम के सुंदर नजारे हिमाचल प्रदेश के प्राकृतिक नजारे चाय बगानों का शहर ऊटी हिमालय का द्वार : कारगिल
यह भी हैं खास- इन सर्दियों में आप पहाड़ों की गोद और सागर किनारे के अलावा भी कई खूबसूरत जगहों के दर्शन कर सकते हैं। गोवा और केरल के बाद राजस्थान भी इस मौसम में सैलानियों की लिस्ट में काफी ऊपर होता है। हलकी खिली धूप में सोने-सी चमकती रेत और राजसी वैभव का लुत्फ लेने के लिए आप जयपुर, जोधपुर या जैसलमेर का रुख कर सकते हैं।
सर्दियों के मौसम में यहाँ कई उत्सवों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा नैसर्गिक खूबसूरती में डूबना हो तो माउंटआबू या उदयपुर आपके लिए बेहतरीन हैं। यहाँ राजस्थान के राजसी वैभव के साथ-साथ प्रकृति का सुंदर श्रृंगार भी आपको दिली सुकून देगा। यदि किसी धार्मिक स्थल पर जाना चाहते हैं तो वैष्णोदेवी जाने का यह पीक टाइम है। इस मौसम में वैष्णोदेवी का सफर बेहद सुंदर लगता है। चारधाम यात्रा के लिए भी यह उपयुक्त समय है। अधिक जानकारी के लिए इन लिंक्स पर क्लिक करें- गोल्डन सिटी वैष्णो देवी हरिद्वार मरूभूमी की चमचमाती रेत
कुछ रोमांचक हो जाए- वे लोग जिन्हें जिंदगी में नया रंग और जोश भरने के लिए कुछ रोमांचक चाहिए, उनके लिए कान्हा-किसली राष्ट्रीय वन्य उद्यान ने अपने द्वार खोल दिए हैं। मानसून के समय बंद रहने वाले इस उद्यान के द्वार नवंबर में पर्यटकों के लिए खोल दिए जाते हैं। दिसंबर यहाँ का पीक सीजन रहता है।
यदि आप भी कान्हा में किंगपलिंग के सपनों के जंगल और शेरखान के रोमांच से रूबरू होना चाहते हैं तो रुख कीजिए कान्हा-किसली की ओर। कान्हा-किसली के अलावा मध्यप्रदेश के बांधवगढ़, रूखड़, राजस्थान के रणथम्भौर और सरिस्का नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें- किपलिंग के सपनों का जंगल बांधवगढ़ सरिस्का नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व रणथम्भौर राष्ट्रीय वन्य जीव उद्यान
इसके अलावा खंडाला, लोनावला, मैसूर, बैंगलोर, खजराहो, अजंता-एलोरा जैसी बहुत-सी जगह हैं जहाँ जाकर आप अपनी छुट्टियाँ मजेदार बना सकते हैं। तो फिर देर किस बात की है, बाँधिए अपने बैग और खास बना लीजिए इस बार के विंटर वेकेशन को।
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