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ठंडी-ठंडी कूल-कूल आईस-होटल
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कल्पना कीजिए एक ऐसी होटल जो बर्फ की बनी हो। छत, दीवारें, फर्श, कमरे सब बर्फ के! यहाँ तक कि फर्नीचर भी बर्फ का! किसी कहानी का हिस्सा लगता है न! पर नहीं है! सचमुच की आईस-होटल है। यह आईस होटल आर्कटिक सर्कल से 200 किलोमीटर उत्तर में, स्वीडन के एक गाँव जुकासजारवी में स्थित है। यह एस्किमो के बर्फ से बने घर इग्लू की परिकल्पना पर आधारित है। होटल का हर कमरा, हर डिजाइन, हर फर्नीचर गढ़ने के लिए बर्फ हेतु यहाँ बहने वाली साफ-सुथरी, पारदर्शी, प्रदूषणरहित नदी टॉर्न रिवर के काँच से झिलमिल करते पानी का उपयोग किया जाता है। आप कह सकते हैं नदी का पानी ही होटल का मिट्टी-गारा है, वही ईंट है और वही है फर्नीचर की लकड़ी!

ऐसा नहीं होता कि बर्फ के टुकड़े जोड़ दिए और बस बन गई होटल! बर्फ से बनने वाली इस होटल पर भवन निर्माण कला के सारे करतब आजमाए जाते हैं। बावजूद इस तथ्य के कि गर्मियों में होटल पिघल जाती है। अगले साल फिर नई बनाना पड़ती है! मगर उस अस्थाई होटल में भी सब कुछ शानदार ढंग से बनाया गया होता है। डबल बेड वाले बेडरूम, रेस्टॉरेंट, बार, लॉबी, सब कुछ। बर्फ पर नक्काशी कर मेहराबें सजाई जाती हैं, तो खिड़की-दरवाजों पर भी बर्फ की सिल्लियों और परतों पर डिजाइनें काटी जाती हैं।

इस होटल के बर्फ से बने पलंग भी डिजाइनदार होते हैं, जिन पर बिस्तर के रूप में रेंडियर की खाल बिछी होती है। रेस्टॉरेंट में बर्फ की मेज-कुर्सी पर पेय पदार्थ बर्फ के बने गिलास में ही सर्व किए जाते हैं। होटल का झाड़ू-पोंछा किया जाता है पुरानी बर्फ को नई बर्फ से बदलकर।

कोई यह न माने कि होटल बर्फ की है तो निर्जन पड़ी रहती होगी या महज इक्के-दुक्के लोग ही आते होंगे। बहुत-से यात्री यहाँ आते हैं। यहाँ तक कि अब आईस होटल में समारोह भी होने लगे हैं, जहाँ दावतें दी जाती हैं। और तो और, प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट होते हैंतो म्यूजिक कंसर्ट भी! लोग एस्किमो वाले कपड़े पहनकर आयोजनों में शरीक हो जाते हैं।
कल्पना कीजिए एक ऐसी होटल जो बर्फ की बनी हो। छत, दीवारें, फर्श, कमरे सब बर्फ के! यहाँ तक कि फर्नीचर भी बर्फ का! किसी कहानी का हिस्सा लगता है न! पर सचमुच की आईस-होटल है। यह होटल आर्कटिक सर्कल से 200 किमी उत्तर में, स्वीडन के एक गाँव जुकासजारवी में है।


बर्फ की होटल को डिजाइन करने के लिए दुनियाभर से कलाकार आ जुटते हैं, क्योंकि यह काम अनूठा है। इसमें मजा भी है, चुनौती भी। 2006 में तो इतने कलाकार इस पर कार्य करने को उत्सुक थे कि एक ज्यूरी ने सिर्फ (!) चालीस कलाकारों को चुना, जो विश्व के अलग-अलग हिस्सों से आए थे।

आईस होटल से जुड़ा आईस चर्च भी है, जहाँ पवित्र वेदी (ऑल्टार) भी बर्फ की ही बनाई गई है। अनूठे ढंग से शादी करने के इच्छुक जोड़े इस पिघल जाने वाली नश्वर बेदी पर रिश्तों की शाश्वतता की शपथ लेते हैं। इस आईस चैपल में बच्चों का बापतिस्मा भी होता है।

यहाँ शादी करने के इच्छुक उन जोड़ों को, जो स्वीडन से बाहर से आते हैं, काफी पहले से रजिस्ट्रेशन व बुकिंग करवाना होती है। रेंडियर की खाल से बने कपड़ों के बावजूद लोग बर्फ की वेदी पर आते हैं और ठिठुरते हुए कसमें खाते हैं- सदा साथ रहने की। है न यहमजेदार! आखिर दुनिया में अनूठी चीजों की कोई कमी तो नहीं!
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