अपने फोर व्हील ड्राइव (4 गुणा 4) मल्टी यूटिलिटी व्हीकल (एमयूवी) के साथ अलग-अलग देशों से आए ये 70 यात्री भारत दर्शन पर निकले हैं। इनका यह सफर काफी आधुनिक है, क्योंकि इनकी मजबूत गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और सैटेलाइट फोन है, जिससे ये एक-दूसरे से संपर्क में रहते हैं। भारतीय सड़कों पर दौड़ रही इनकी एमयूवी दुरूस्त रहे इसके लिए साथ में एक मैकेनिकल इंजीनियर भी है। ग्रैंड टूर पर निकले इन मुसाफिरों की मंजिल भारत का हर ऐतिहासिक शहर है।
गत 7 अक्टूबर को मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया से अपनी यात्रा 'ग्रैंड टूर ऑफ इंडिया' शुरू कर चुके इन विदेशी यात्रियों का दल सोमवार को इंदौर पहुँचा। ये यात्री बीते रविवार को अजंता की गुफाएँ देखने के बाद औरंगाबाद से इंदौर के लिए निकले थे। यह रोमांचक सफर में रूचि रखने वाले उन यात्रियों का समूह है, जिनका उद्देश्य मुख्यतः ऐतिहासिक शहरों की यात्रा करना होता है।
इनका समूह हीरो यानी हिस्टोरिक एंड्यूरेंस रैलींग ऑर्गेनाइजेशन कहलाता है। इसमें कोई रेस नहीं होती, लेकिन समूह में ये यात्री एक से दूसरे शहर का सफर तय करते हैं। ग्रैंड टूर ऑफ इंडिया में 35 गाड़ियों के काफिले के साथ 70 विदेशी यात्रा कर रहे हैं। इन्हें 5 नवंबर तक 8500 किलोमीटर का सफर तय करना है।
औरंगाबाद से आए इन यात्रियों को अब राजस्थान में प्रवेश करना है। राजस्थान के बाद ये दिल्ली, अमृतसर, मनाली, शिमला, कॉरबेट टाइगर रिजर्व, आगरा, ग्वालियर, खजुराहो, बाँधवगढ़ रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व, नागपुर, गोवा और हैदराबाद के बाद 5 नवंबर को पुनः मुंबई पहुँचेंगे।
इस ग्रैंड टूर के डायरेक्टर श्री जॉन ब्राउन ने बातचीत में बताया कि हम सभी ब्रिटेन, फ्रांस, पॉलैंड, स्पेन, स्वीडन, अमेरिका, मैक्सिको और न्यूजीलैंड से हैं। इससे पहले हम चीन और साउथ अफ्रीका की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन भारत में यह हमारा पहला टूर है। समूह का मकसद है हर देश और उसकी संस्कृति को ज्यादा से ज्यादा जानना।
ऐसे तैयार हुआ नक्शा श्री ब्राउन का कहना था कि इस यात्रा के लिए नक्शा बनाने से पहले उन्होंने बीती जनवरी से मार्च के बीच भारत की पंद्रह हजार किलोमीटर की यात्रा की। अब ग्रैंड टूर की यात्रा का नक्शा हर एमयूवी के जीपीएस में मौजूद है। इस तरह अगर दो वाहनों के बीच दूरी बढ़ भी जाए तो सभी को यह मालूम होता है कि उन्हें किस दिशा में जाना है। इसके अलावा हम सैटेलाइट फोन के जरिए भी संपर्क में रहते हैं।
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