- यात्रा प्रसंग (मनोहर बाहेती एवं दिलीप कवठेकर) प्रकृति ने मनुष्य को रोमांचित करने के लिए कई तरह के अद्भुत एवं अनोखे स्थान रचे हैं। बर्फ की नदियाँ, हजारों मील लंबे रेगिस्तान, दलदल से भरे घने जंगल, ऊँचे पहाड़, क्या कुछ नहीं है इस धरती पर मनुष्य को रोमांचित करने के लिए। ईश्वर की इस रोमांचित करने वाली दुनिया को इंसान ने अपनी कल्पना एवं सृजनशीलता से और भी ज्यादा अनोखा बना दिया है। हमें दुर्लभ यात्रा करने का शौक रहा है तथा बर्फ के पहाड़ों ने हमेशा से ही हमें रोमांचित किया है। इसी तारतम्य में हमने नॉर्थकेप, जो कि योरप की धरती का सबसे उत्तरी छोर है, की यात्रा करने का प्रोग्राम बनाया। इस यात्रा में ही हमने आइस होटल में ठहरने के रोमांच का अनोखा अनुभव प्राप्त करने की ठानी। हमने इंटरनेट से आइस होटलों के बारे में जानकारी एकत्रित की और नॉर्थकेप के आइस होटल में अप्रैल के पहले हफ्ते में जाने का कार्यक्रम तय किया। | | होटल में बर्फ से बनी बहुत बड़ी लॉबी, आइस बार एवं एक चर्च भी है। दिन में यह होटल बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी खुला रहता है एवं रात को यहाँ अतिथि ठहरते हैं। |
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दुनिया में बहुत ही कम आइस होटल हैं (शायद आठ से दस), जिनमें से ४ होटल लेपलैंड (स्केंडिनेवियन देशों के उत्तरी भाग) में स्थित हैं। भाग्य से हमें दुनिया के सबसे पहले व सबसे बड़े आइस होटल में ठहरने का अवसर मिला। यह होटल स्वीडन के उत्तरी हिस्से में आर्कटिक रेखा के ऊपर किरूना नामक कस्बे के पास स्थित है। यह क्षेत्र हमेशा बर्फ से पटा रहता है तथा यहाँ का तापमान अप्रैल में दिन में शून्य से ५ डिग्री नीचे और रात्रि में २० डिग्री नीचे रहता है। आइस होटल जनवरी के पहले हफ्ते से खुलते हैं और मध्य अप्रैल तक बंद हो जाते हैं। किरूना में हवाई सेवा भी है और ज्यादातर पर्यटक स्टॉकहोम से यहाँ हवाई यात्रा से ही आते हैं। लेपलैंड के बर्फ के पहाड़ों का आनंद लेने के लिए हम फिनलैंड के उत्तरी भाग से स्वीडन बस व रेल मार्ग से पहुँचे। यह रूट भी अपने आप में काफी आकर्षक और अनोखा है। किरूना से आइस होटल १५ किमी दूरी पर जुक्कासर्जीव नामक स्थान पर है, जो टोरने नदी के किनारे बना है। आइस होटल को बनाने की कहानी भी काफी रोचक है। स्वीडन के उत्तर में रहने वाले बर्गक्विस्ट, जो कि एक टूर ऑपरेटर थे, के दिमाग में एक आइस बार बनाने का विचार आया ताकि पर्यटक बर्फ के बार में ड्रिंक्स का आनंद ले सकें। १९९० में दुनिया की पहली आइस बार शुरू हुई। १९९६ में पर्यटकों के एक समूह को विचार आया कि क्यों न इस बार में रात को रहा जाए। सुबह बाहर आकर वे काफी रोमांचित थे और उन्होंने अपने अनुभव बर्गक्विस्ट को बताए। इस तरह आइस होटल पहली बार १२ कमरों के साथ १९९९ में शुरू किया गया। आज यह आइस होटल ९१ कमरों का बड़ा कॉम्प्लेक्स है, जिसमें कई तरह के मनोरंजन की व्यवस्था है। |