यमुना नदी के तट पर स्थित आगरा शहर ऐतिहासिक स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। सन् 1506 में सिकंदर लोधी ने मुगलों का राज्य स्थापित किया था। मुगलों के शासन के दौरान खूबसूरत स्मारक स्थापित किए गए थे जिन्हें देखने आज भी पर्यटक आगरा आते हैं। आगरा में हस्तशिल्प बहुत ही प्रसिद्ध है। यहाँ संगमरमर के पत्थरों पर सुंदर आकृतियाँ उकेरी गई हैं। गहने, तोहफे एवं अन्य चीजों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ विशेष प्रकार के बॉक्स बनाए जाते हैं। जरदोजी से बनाए गए कपड़े पर्यटकों के मध्य बहुत ही लोकप्रिय हैं। सदर बाजार, किनारी बाजार, राजा-की-मंडी में विभिन्न प्रकार की आकर्षक और मनोहारी चीजें देखी जा सकती हैं। मिठाइयों में आगरा के पेठे एवं गजक बहुत ही प्रसिद्ध हैं। तिल एवं गुड़ से बनाई गई मिठाइयाँ बहुत ही स्वादिष्ट होती हैं। ताजमहल विश्व के सात अजूबों में ताजमहल एक अनोखा स्थान रखता है। यह खूबसूरत महल प्यार का प्रतीक माना जाता है। ताजमहल को दिल्ली के सम्राट शाहजहाँ ने महारानी मुमताज महल के लिए निर्मित किया था। हर शुक्रवार को ताजमहल को बंद रखा जाता है। फतेहपुर सीकरी सम्राट अकबर चाहते थे कि फतेहपुर सीकरी आगरा की राजधानी कहलाई जाए। मान्यता है कि सूफी संत शेख सलीम चिश्ती का घराना यहाँ पर ही था। दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास एवं पचीसी दरबार के अद्भुत प्राचीन वास्तुशिल्प को देखने हजारों पर्यटक आते हैं। इनकी खूबसूरती उन दिनों के शिल्प कलाकारों की निपुणता और कुशलता को दर्शाती है। आगरा किला विश्व के सांस्कृतिक धरोहर स्थल यह किला बहुत ही मजबूत एवं खूबसूरत नजर आता है। यह ऐसा स्थल है जहाँ पर मुगल सामराज्य के लोग रहा करते थे। इस किले में शाह जहान के पुत्र औरंगजेब ने उन्हें कैद करके रखा गया था। जामा मस्जिद सन् 1648 में शाहजहाँ की बेटी जौहरा बेगम ने प्रसिद्ध सूफी संत शेख सलीम चिश्ती की स्मृति में जामा मस्जिद का निर्माण कराया था। |
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