अच्छी सुविधाएँ - मलेशिया के जितने भी मंदिर देखे, उन सभी में सुविधाएँ काफी अच्छी नजर आईं। मंदिर परिसर में तीन से चार अलग-अलग देवताओं के छोटे मंदिर हैं। इसके अलावा बैठने की अच्छी व्यवस्था तथा पूजा करने के लिए भी काफी बड़े स्थान नजर आए। कैमरून हाईलैंड्स में तो दोपहर के समय मंदिर में कोई भी नजर नहीं आया, परंतु संपूर्ण मंदिर एकदम खुला था। कुआलालम्पुर में प्रतिवर्ष भारतीयों द्वारा बड़े पैमाने पर धार्मिक रैली का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें भारतीय मूल के लोग भी भाग लेते हैं।
श्रीलंका के पुजारी- लंकावी के दक्षिण भारतीय मंदिर में श्रीलंका के पुजारी काम करते हैं। इन पुजारियों का परिवार यहाँ रहता है तथा मंदिर की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के पास रहती है। जो भी भक्त इन मंदिरों में दर्शन हेतु आते हैं, वे इनसे पूजा जरूर करवाते हैं। उत्सवों के दौरान आसपास रहने वाले सभी भारतीय यहाँ आकर सेवा करते हैं।
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