- कर्नल प्रमोद देवगिरीकर इमेल वैसे तो हमारे यहाँ काफी प्रचलित हो चली है, लेकिन कुछ लोगों को कुछ व्यावहारिक कठिनाइयाँ आती हैं-मुलाहिजा करें :-
''इ कऊन सी मेलवा है?''
एक व्यक्ति अपने घर के सामने के लॉन में घास कटाई कर रहा था तब उसने अपनी पड़ोसन को घर के बाहर आकर उसका लैटर-बॉक्स जाँचते हुए देखा। महिला ने उसे खोला और कुछ न पाकर बंद करते हुए घर में चली गई। | | महिला का जवाब था- 'जी हाँ जरूर- मेरा मूर्ख कम्प्यूटर मुझे बार-बार यह मैसेज दे रहा है कि आपका पत्र आया है (यू हेव गॉट मेल)। |
| |
ऐसा एक बार और हुआ। इस बार भी लैटर बॉक्स में कुछ न पाकर महिला गुस्से में घर में चली गई। तीसरी बार भी यही हुआ।' महिला क्रोध में पाँव पटकते हुए फिर घर में चली गई।
जब चौथी बार भी महिला लैटर बॉक्स बंद करके गुस्से में जाने लगी तो व्यक्ति को लगा कि उसे अपना पड़ोसी धर्म निभाना चाहिए। उसने पूछा- 'मैडम क्या कुछ गड़बड़ है?'
महिला का जवाब था- 'जी हाँ जरूर- मेरा मूर्ख कम्प्यूटर मुझे बार-बार यह मैसेज दे रहा है कि आपका पत्र आया है (यू हेव गॉट मेल)।
|