मुख पृष्ठ > मनोरंजन > गुदगुदी > कचरे का डिब्बा > बदलती कहावत...
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजिएयह पेज प्रिंट करें
 
बदलती कहावत...
- राजेंद्र शर्मा
WD

'नेकी कर दरिया में डाल' कहावत को

अब बदलकर 'नेकी कर कचरे में डाल' कर देना चाहिए।

आदमी के पास पीने को पानी नहीं है,

दरिया कहाँ से आएगा।
संबंधित जानकारी खोजें
और भी
म्याऊँ-म्याऊँ...
लातों के भूत...
वक्त हमारा है...
कटोरी-चम्मच
टेस्ट यौर क्रिकेट
आतंकवाद