निर्माता : पम्मी बावेजा निर्देशक : हैरी बावेजा संगीत : अनु मलिक गीत : जावेद अख्तर कलाकार : हरमन बावेजा, प्रियंका चोपड़ा, बोमन ईरानी, अर्चना पूरणसिंह
बॉलीवुड में नए नायक और नायिकाओं का प्रवेश जारी है। प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक हैरी बावेजा के पुत्र हरमन बावेजा अभिनेता के रूप में ‘लव स्टोरी 2050’ से अपने करियर का आगाज़ करने जा रहे हैं।
हरमन की शुरुआत को शानदार बनाने में हैरी कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। टाइम मशीन की अवधारणा को लेकर उन्होंने यह फिल्म बनाई है। सन् 2050 की दुनिया दिखाने के लिए उन्होंने स्पेशल इफेक्ट्स का सहारा लिया है। फिल्म की कहानी का सारांश कुछ इस प्रकार है।
जोश से भरे और खिलंदड़ स्वभाव वाले करण (हरमन बावेजा) को कायदों में बँधकर जीना पसंद नहीं है। शर्मीली सना (प्रियंका चोपड़ा) को अनुशासन पसंद है और वह अपना जीवन बनाए गए नियमों के अनुरूप जीती है। अंतर होने के बावजूद दोनों एक-दूसरे को बेहद चाहते हैं।
डॉ. यतिंदर खन्ना (बोमन ईरानी) करण के अंकल हैं। वे वर्षों से टाइम मशीन बना रहे हैं और आखिरकार सफल हो गए। सना को जब इस बारे में पता चलता है तो वह टाइम मशीन के जरिए भविष्य का मुंबई देखने की ख्वाहिश प्रकट करती है।
करण, सना, यतिंदर, राहुल और थिया (सना के छोटे भाई-बहन) सन् 2050 के मुंबई में पहुँच जाते हैं। वाह, क्या अद्भुत नजारा है। उड़ती हुई कारें और रेल, 200 मंजिल ऊँची इमारतें, काम करते हुए रोबोट। यकीन ही नहीं होता कि यह हमारा मुंबई है।
कुछ ऐसे घटनाक्रम घटित होते हैं कि करण को लगने लगता है कि वह सना से अलग होता जा रहा है। ऐसे में क्यूटी (रोबोट) और बू (रोबोटिक टेडी बियर) करण और सना को पास लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
इसी बीच उसे भविष्य के देवता डॉ. होशी से धमकियाँ मिलती हैं। करण कैसे इनसे निपटता है, अपने प्यार को पाता है और वापस वास्तविक समय में आता है, यह फिल्म का सार है।
|