निर्माता : आदित्य चोपड़ा-कुणाल कोहली निर्देशक : कुणाल कोहली गीतकार : प्रसून जोशी संगीत : शंकर-अहसान-लॉय कलाकार : सैफ अली खान, रानी मुखर्जी, ऋषि कपूर, अमीषा पटेल (विशेष भूमिका), बेबी श्रिया शर्मा, आयुषी बर्मन, रचित सिदाना, अक्षत चोपड़ा
रणबीर तलवार (सैफ अली खान) की गिनती देश के ख्यात उद्योगपतियों में होती है, लेकिन इसके बावजूद वह खुश नहीं है। वह बिलकुल अकेला है। जिंदगी ने उसके साथ हमेशा अजीब व्यवहार किया। जिस किसी को भी उसने चाहा, उसे खो दिया।
रणबीर को अनोखी और असुविधाजनक परिस्थिति का सामना करना पड़ता है। अदालत के एक फैसले के मुताबिक उसे चार अनाथ बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। ये बच्चे रणबीर से नफरत करते हैं और उससे बदला लेना चाहते हैं।
बच्चों को रणबीर के साथ रहना बिलकुल भी पसंद नहीं है। रणबीर भी कुछ कारणों से उन बच्चों की आँख में आँख नहीं मिला सकता है। उनकी जिंदगी बड़ी दु:खदायी हो जाती है।
एक दिन सब भगवान से मदद की प्रार्थना करते हैं और भगवान उनकी सुन लेते हैं। वे अपनी प्यारी परी गीता (रानी मुखर्जी) को यह जिम्मेदारी देते हैं कि वह जाए और रणबीर तथा बच्चों की जिंदगी को खुशियों से भर दे। गीता इंद्रधनुष से साइकिल पर सवार होकर रणबीर के घर में आया बनकर आती है।
इसके बाद शुरू होता है मौज, मस्ती, प्यार और जादू का खेल।
पात्र-परिचय रणबीर तलवार (सैफ अली खान) रणबीर बेहद अकेला है। बचपन से ही उसने अपने करीबी लोगों को खोया है। रणबीर ने अपने लक्ष्य हासिल किए हैं, लेकिन ये ट्राफियाँ और जीत उसके लिए कोई मायने नहीं रखतीं क्योंकि वह अकेला है।
वह जिंदगी में प्यार चाहता है, जिसे उसने हमेशा खोया है। हर कदम पर जीतने वाले रणबीर ने इस पहलू को भुलाने के लिए अपने आपको काम में डुबो दिया। अचानक उसकी जिंदगी में चार बच्चे और एक परी आती है। बच्चे प्यार चाहते हैं और परी प्यार नहीं कर सकती।
गीता (रानी मुखर्जी) गीता तूफान की तरह रणबीर की जिंदगी में तब शामिल हो जाती है, जब उसे चार बच्चों के साथ सामंजस्य बैठाने में तकलीफ होती है। रणबीर और बच्चों के बीच संबंध सुधारने का उसके पास उद्देश्य है।
एक परी जो प्यार नहीं कर सकती, प्यार के बारे में जानना चाहती है। एक परी जो मनुष्य के आँसू, दु:ख और प्यार से परे हैं, कुछ महसूस करने लगती है। लेकिन परी प्यार कैसे कर सकती है? वह तो एक उद्देश्य लेकर आई है, जिसे पूरा कर उसे वापस जाना है।
वशिष्ट, अदिति़, इकबाल और अवंतिका चारों अनाथ बच्चे एक फैसला करते हैं। उन्हें अपनी देखभाल करने के लिए किसी रिश्तेदार की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें एक-दूसरे का साथ है। उनका मकसद है रणबीर तलवार से बदला लेना, जिससे वे नफरत करते हैं।
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