निर्माता : शक्ति सामंता निर्देशक : आशीम सामंता संगीत : अनु मलिक कलाकार : मिथुन चक्रवर्ती, हृषिता भट्ट, रोहित रॉय, शक्ति कपूर
डॉन मुत्थुस्वामी (मिथुन चक्रवर्ती) मुंबई का डॉन है। उससे सब घबराते हैं। मुत्थु को पता चलता है कि उसके पिता बीमार हैं और उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है। वह अपने पिता से मिलने जाता है।
जैसे ही मुत्थु अपने पिता से मिलने के लिए झुकता है, वे उसे एक जोरदार थप्पड़ लगाते हैं। मुत्थु को कुछ समझ नहीं आता। उसके पिता कहते हैं कि मुत्थु की काली करतूतों ने उनका और परिवार का सिर शर्म से झुका दिया है। वे बेहद दु:खी होकर इस दुनिया को छोड़ रहे हैं।
मुत्थु अपने पिता को खुश करना चाहता है। वह उनसे पूछता है कि वे कैसे खुश होंगे? मुत्थु के पिता कहते हैं कि यदि वह बुरे काम करना छोड़ दे तो उन्हें खुशी होगी। मुत्थु अपने पिता से इस बात का वादा करता है।
मुत्थु अपने आदमियों से कहता है कि वे अब मिलकर अच्छे काम करेंगे। वह डॉन मुत्थु से सर मुथुस्वामी कहलाएगा। अपनी भाषा को सुधारने के लिए वह जयकिशन (मोहित रैना) से हिंदी और उर्दू सीखता है।
डॉन से शरीफ इनसान बनना इतना आसान नहीं है। पुलिस के चक्कर और विरोधी गैंग मुत्थुस्वामी का काम मुश्किल कर देते हैं। इन चिंताओं के अलावा मुत्थु को अपनी बेटी संजना (हृषिता भट्ट) की शादी की चिंता भी है।
वह अपने खास दोस्त वर्धन के बेटे प्रधान से संजना की शादी करना चाहता है, लेकिन संजना को वह पसंद नहीं है। शादी से बचने के लिए वह अपने पिता को कह देती है कि वह माँ बनने वाली है।
मुत्थु का मैनेजर प्रीतम (रोहित रॉय) भी संजना को चाहता है और उससे शादी करने के ख्वाब देखता है। वह बेहद लालची है और अक्सर मुत्थु के हिसाब में गड़बड़ी कर चोरी करता रहता है। इसी बीच मुत्थु को पढ़ाने वाला टीचर जयकिशन और संजना एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं।
क्या डॉन से शरीफ आदमी बनना आसान है? प्रीतम की चोरी मुत्थु कैसे पकड़ेगा? क्या संजना गर्भवती है? उसके बच्चे का पिता कौन है? इन सारे प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे ‘डॉन मुत्थुस्वामी’ में। |