भारत में फिल्माई गई ‘स्माइल पिंकी’ को ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री (शॉर्ट)’ श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार हासिल हुआ है। यह वृत्तचित्र उत्तरप्रदेश में फिल्माया गया है और इसमें एक छोटी लड़की पिंकी की कहानी दिखाई गई है, जिसका ऊपरी होंठ कटा हुआ है। आठ वर्षीय बालिका इस वजह से मुस्करा भी नहीं पाती है और उसे सभी लोग होंठकटी कहकर चिढ़ाते हैं।
इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन मेगन मायलन ने किया है। मिर्जापुर जिले के एक गाँव के निवासी राजेन्द्र सोनकर के घर पिंकी का जन्म हुआ और वर्तमान में वह कक्षा दो की छात्रा है। पिंकी की जिंदगी में तब अहम मोड़ आता है जब उसे एक अस्पताल में जाने का मौका मिलता है। ऑपरेशन के बाद उसकी दुनिया ही बदल जाती है।
मेगन मायलन की जब पिंकी पर निगाह पढ़ी तो उन्होंने उसे ध्यान में रखकर 30 मिनट का वृत्तचित्र बनाया। जब इस डॉक्यूमेंट्री को अवॉर्ड मिला तो मायलन ने पिंकी को धन्यवाद कहा। मायलन ने एनजीओ को भी धन्यवाद कहा जिसने पिंकी के ऑपरेशन के लिए धन जुटाया। ‘स्माइल पिंकी’ का मुकाबला ‘द फाइनल इंच’ से था। इस डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग भी भारत में हुई है। इसमें पोलियो वर्कर के काम के बारे में बताया गया है।
जीवन का सबसे स्वर्णिम पल स्माइल पिंकी को ऑस्कर मिलना हमारे जीवन का सबसे अच्छा पल है। वाराणसी से चालीस किलोमीटर दूर मिर्जापुर जिले की रहने वाली बच्ची पिंकी के जीवन पर स्माइल पिंकी वृत्तचित्र बनाने वाली निर्माता-निर्देशक मेगन मायलन के कहे गए ये शब्द सारी कहानी स्वयं बयां कर देते हैं।
अमेरिकी निर्माता-निर्देशक मेगन मायलन ने लॉस एंजिल्स में ऑस्कर पुरस्कार समारोह से फोन पर दिए गए साक्षात्कार में कहा ‘मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि कटे होंठ वाले बच्चों पर बनायी गयी वास्तविक जीवन की कहानी को ऑस्कर पुरस्कार के लिए चुना गया।‘
प्रफुल्लित मेगन ने कहा यह न सिर्फ मेरे लिए बल्कि विश्व के चालीस लाख से अधिक कटे होंठ वाले बच्चों के लिए स्वर्णिम पल है। मेगन ने कहा यह सफलता हमारे और पिंकी एवं उसके परिवार के लिए सुखद आश्चर्य है।
ऑस्कर पुरस्कार जीतने पर हो रही अनुभूति के सवाल पर उन्होंने कहा बहुत जबरदस्त अनुभूति है। इस सफलता के जितने मायने हमारे लिए हैं उससे कहीं अधिक पिंकी, उसके परिवार और उसके जैसे चालीस लाख से अधिक बच्चों के लिए है।
वाराणसी और मिर्जापुर के बारे में पूछे जाने पर मेगन ने कहा ‘ये दोनों स्थान बहुत ही विस्मयकारी और अलग हैं और मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि मुझे इन शहरों में काम करने का अवसर मिला।
यह पूछे जाने पर कि क्या पिंकी को अपने वृत्तचित्र का विषय चुनने का उन्हें लाभ मिला? उन्होंने कहा बिल्कुल, लेकिन उन्हें वृत्तचित्र बनाते समय कहीं से भी इस बात का अहसास नहीं था कि इस वृत्तचित्र को विश्व समुदाय इस तरह से स्वीकार करेगा।
मेगन के साथ लॉस एंजिल्स में मौजूद पिंकी का ऑपरेशन करने वाले वाराणसी के डॉक्टर सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि स्माइल पिंकी को ऑस्कर पुरस्कार न सिर्फ पिंकी बल्कि उसके जैसे चालीस लाख से अधिक बच्चों के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा है।
यह पुरस्कार समाज में पिंकी और पिंकी जैसे बच्चों के बारे में लोगों की सोच में भारी बदलाव लाएगा। |