आज के दौर की स्टार अदाकारा हैं दीपिका पादुकोण। उनकी फिल्मों पर तो अकसर बातें होती रहती हैं मगर हाल ही में उनसे कुछ अलग हट कर बातें हुईं। प्रस्तुत हैं उसी बातचीत के प्रमुख अंश ....
क्या यह सच नहीं कि आपको यहाँ उतना संघर्ष नहीं करना पड़ा जितना कि आमतौर पर नए लोग करते हैं? संघर्ष सिर्फ वही नहीं होता कि आप अपना पोर्टफोलियो लेकर प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों में जा रहे हैं। इस तरह का स्ट्रगल शायद मैं कभी करती भी नहीं। मैं तो मॉडलिंग की दुनिया में मस्त थी जब फराह खान ने मुझे नोटिस किया और "ओम शांति ओम" ऑफर की। लेकिन आप यह भी नहीं कह सकते कि मैंने स्ट्रगल बिल्कुल किया ही नहीं। फराह खान ने मुझे जहाँ नोटिस किया वहाँ तक पहुँचने के लिए भी तो मैंने कुछ किया ही होगा न।
आपकी नजर में प्यार क्या है? बहुत कुछ। साथ रहने की इच्छा, साथ निभाने का वादा, एक-दूसरे को समझना, एक-दूजे के प्रति ईमानदार रहना।
प्यार के रिश्ते की सबसे अच्छी बात किसे मानती हैं? जब आप किसी रिश्ते में होते हैं तब आपको हर चीज अच्छी लगती है। प्यार आपको ठहराव देता है, ताकत देता है और आगे बढ़ने की हिम्मत देता है।
और खराब बात? खराब बात तो मैंने अभी तक ढूँढ़ी नहीं है क्योंकि मैं खुद को उन लोगों में गिनती हूँ जो अपने पार्टनर को पूरी तरह से अपनाते हैं, उसकी खूबियों के साथ और उसकी कमियों के साथ भी।
अपने प्यार को पाने के लिए आप किस हद तक जा सकती हैं? बहुत दूर तक। मैं पूरी धरती नाप सकती हूँ।
वे कौन-सी बातें हैं जो आपको गुस्सा दिलाती हैं? झूठ, बेईमानी और बनावटीपन मुझे सख्त नापसंद है। जो लोग अपने काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं उन पर भी मुझे गुस्सा आता है।
आपकी वे बातें जो आमतौर पर लोग नहीं जानते? एक तो यह कि मैं बहुत ही ज्यादा शर्मीली हूँ। मैं लोगों से जल्दी खुल नहीं पाती हूँ। और हाँ, मैं उतनी लंबी नहीं हूँ जितनी मुझे कहा जाता है।
वह कौन-सी चीज है जो आपके अंदर उत्साह और उमंग भर देती है? प्यार। अपने काम, अपने परिवार, अपने दोस्तों और अपने बॉयफ्रेंड के प्रति प्यार ही मुझे उत्साहित करता है।
वे चीजें जो आपको भावुक बना देती हैं? बहुत सारी हैं क्योंकि असल में मैं काफी इमोशनल इंसान हूं। फिल्में मुझे इमोशनल कर देती हैं, कुछ गाने हैं जिन्हें सुन कर मेरी आँखें भर आती हैं। जब मैं लंबे अर्से के बाद बेंगलुरु जा कर अपने परिवार से मिलती हूँ तब मैं इमोशनल हो जाती हूँ और जब मैं उनसे अलग होने लगती हूँ तब भी मुझे रोना आता है।
अपनी कोई चीज जिसे आप बदलना चाहें? मेरे पाँव। ये सचमुच बहुत बड़े हैं। इतने कि मुझे मेरे साइज के मनपसंद चप्पल-जूते आसानी से नहीं मिल पाते।
अच्छा यह बताइए कि शादी के बाद आप अपने परिवार और करियर में से किसे प्राथमिकता देंगी? मेरी मम्मी ने शादी से पहले अपने करियर को काफी गंभीरता से लिया। शादी के बाद उन्होंने अपने करियर और परिवार, दोनों को बखूबी संभाला और माँ बनने के बाद अपना सारा ध्यान अपने परिवार पर लगा दिया। मैं भी यही करूँगी।