आने वाली फिल्म | फोकस | गीत-गंगा | फिल्मोग्राफी | मिर्च-मसाला | कैटरीना कैफ | अमिताभ बच्चन | आलेख | फिल्म समीक्षा | एड्रेस बुक | आमिर खान | ऑस्कर | टीवी | सिने-मेल | मुलाकात | हॉलीवुड से
मुख पृष्ठ मनोरंजन » बॉलीवुड » मुलाकात » मैं सुपरस्टार के लिए काम करता हूँ : शाहरुख खान
मुलाकात
Feedback Print Bookmark and Share
 
Anushaka-Shahrukh
PR
शाहरुख खान के विचारों में इन दिनों बदलाव महसूस होता है। ‘आय एम द बेस्ट’ जैसे वाक्य अब वे नहीं बोलते। वे अब पिता की तरह सोचने लगे हैं। उनकी बातों में आक्रामकता का स्थान नम्रता ने ‍ले लिया है। ‘रब ने बना दी जोड़ी’ उनकी आने वाली फिल्म है, जो उनके लिए बेहद अहम है। क्या सोचते हैं शाहरूख़ इस फिल्म और किरदार के बारे में। आइए जानें शाहरुख से :

आप बहुत सोच‍-विचार कर फिल्म साइन करते हैं। ‘रब ने बना दी जोड़ी’ को करने के क्या कारण रहें?
यशराज फिल्म्स की फिल्म करते समय मैं कोई कारण नहीं सोचता। बातों ही बातों में हम फिल्म कर लेते हैं। मैं यशजी से पूछता हूँ कि यशजी आप कौन-सी फिल्म बना रहे हैं या यशजी मुझसे कहते हैं ‘तू क्या कर रहा है’ और मैं कहता हूँ ‘कुछ नहीं’। फिर वे कहते हैं कि ‘चल आजा पिक्चर कर ले।‘ जनवरी की बात है। आदित्य ने मुझसे कहा कि उसने एक फिल्म लिखी है। मैंने सोचा कि वह एक ‍और फिल्म का निर्माण करने जा रहा है, लेकिन आदि ने मुझसे कहा कि यह फिल्म उसने मेरे लिए लिखी है और इस बारे में मुझसे बात करना चाहता है। मैंने कहानी सुनी और कहा कि यह बहुत अच्छी है। आदि ने कहा तीन महीने बाद हम इसकी शूटिंग आरंभ करेंगे। बस, इस फिल्म में मैं आ गया। बॉलीवुड में ऐसे कुछ लोग हैं, जिनकी फिल्म करने के पहले मैं कुछ भी नहीं सोचता। करण, फरहा, यशजी और आदित्य मुझसे कहते हैं कि चलो यार एक फिल्म करते हैं और मैं हाँ कर देता हूँ। आदि बहुत स्लो है। उसे कम से कम अब तक छ: फिल्में बना लेनी थीं, लेकिन वह तीन ही बना पाया। मैंने उससे कहा है कि उसे रिटायरमेंट के पहले कम से तीस फिल्म जरूर बनाना चाहिए। वह अभी दस वर्ष पीछे चल रहा है।

अनुष्का शर्मा अपने करियर की शुरुआत आपके साथ इस फिल्म के जरिए कर रही हैं। आप क्या कहेंगे अनुष्का के बारे में?
ईमानदारी से कहूँ तो जब मैं पहली बार अनुष्का से मिला तो मुझे उनमें गजब का आत्मविश्वास नजर आया। वे बहुत सुंदर हैं। आज की युवा पीढ़ी की तरह उनके पास स्पष्ट विचार, आत्मविश्वास, काम के प्रति समर्पण की भावना है। यह पीढ़ी सीखना भी चाहती है और उनके पास अपने विचार भी हैं। मैं अपने करियर के उस दौर से गुजर रहा हूँ जहाँ मुझे युवा पीढ़ी के साथ काम करने का मौका मिल रहा है, जिनकी सोच अलग है। मुझे लगता है कि मैं इनसे अलग पीढ़ी का हूँ। अनुष्का के साथ जब मैंने काम किया तो मुझे लगा कि किसी दृश्य को नए तरीकों से भी किया जा सकता है। हो सकता है कि मेरे अभिनय में अब दोहराव आने लगा हो या मेरे अभिनय की मेरी एक स्टाइल विकसित हो गई हो। मुझसे कई लोगों ने पूछा कि इस फिल्म में नई लड़की है तो मैंने उसे अभिनय के पाठ पढ़ाए होंगे, लेकिन मैं कहूँगा कि अनुष्का यह बात नहीं जानती है कि उन्होंने मुझसे अभिनय कराया। वे इतनी फ्रेश हैं और इतनी अलग अभिनेत्री हैं कि मुझे उनके अभिनय के अनुसार अभिनय करना पड़ा। हमें इस फिल्म में एक नई अभिनेत्री चाहिए थी और उस कसौटी पर अनुष्का खरी उतरीं। एक दृश्य खत्म होने के बाद मैं अनुष्का के पास गया और उनसे कहा कि हमारी फिल्म को इतनी खूबसूरत बनाने के लिए धन्यवाद। मैं इस बात पर गर्व महसूस करता हूँ कि उन्होंने अपना करियर मेरे साथ शुरू किया। वे नई हैं, मुझसे लंबी हैं और उनके अभिनय करने का तरीका भी नया है, जिससे मुझे सदा चौकन्ना रहना पड़ा।

आदित्य की यह तीसरी फिल्म है और तीनों में आपने काम किया है। इस जुगलबंदी के बारे में क्या कहना चाहेंगे?
आदित्य चोपड़ा और मेरी दोस्ती ‘डर’ के दौरान हुई थी, जब आदि इस फिल्म का मुख्य सहायक निर्देशक था। हम दोनों एक से हैं, एक सा सोचते हैं इसलिए दोनों अच्छे दोस्त बन गए। आदित्य की तरह मैं भी शर्मीला और एकांतप्रिय हूँ। यह बात और है कि मैं अभिनेता हूँ इसलिए लोग मेरे बारे में ज्यादा जानते हैं और आदि के बारे में कम। सेट पर मैं हमेशा आदि को सर कहकर संबोधित करता हूँ। आदित्य मैं तुम्हें धन्यवाद कहना चाहूँगा कि तुमने मुझे अपनी तीसरी फिल्म में भी लिया। मैं तुम्हारी आखिरी फिल्म में भी काम करना चाहूँगा जो तुम पचास-साठ साल बाद बनाओगे। मैं अपने आपको भाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे तुम्हारी हर फिल्म का हिस्सा बनने का अवसर मिला।

इस फिल्म में आपका लुक चर्चा का विषय है। क्या इस बारे में आप बताएँगे।
फिल्म के दो किरदार एक-दूसरे से बिलकुल जुदा है, इसलिए दोनों को अलग लुक देना जरूरी था। सुरिंदर साहनी एक मिडिल क्लास आदमी है। उसका फिक्स रूटीन है, जिसके अनुसार वह काम करता है। ऐसे लोग थोड़े बोर किस्म के होते हैं। लेकिन वह अपनी जिंदगी के प्रति ईमानदार है। हम इस तरह के किरदार को कैरीकेचर या कॉमिक नहीं बनाना चाहते थे क्योंकि कहानी के लिए लुक बहुत महत्व रखता था। मैंने एक दिन मूँछे लगाई और कुछ अलग तरह से बाल सँवारकर आदित्य को दिखाए तो आदि ने कहा उन्हें ऐसे लुक की ही तलाश थी। साधारण लुक ही इस किरदार की खासियत है। कई लोग फिल्म में इसे देखकर कहेंगे कि अरे हम भी ऐसे ही हैं। मेरा मानना है कि जब हम प्यार में पड़ते हैं तो कमजोर हो जाते हैं। सारे पुरुष ये बात छिपाते हैं, लेकिन सुरिंदर साहनी यह बात कहता है जो हर पुरुष के अंदर की आवाज है। महिला के प्रति उसकी यह ईमानदारी ही उसे खास बनाती है।

पंजाब में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?
मैं पंजाब शूटिंग के सिलसिले में कई बार गया हूँ। पंजाब के लोग बड़े प्यारे हैं। वे हमेशा आपकी देखभाल करते हैं। अच्छा खाना, ढेर सार प्यार और शानदार लोकेशन पंजाब की खासियत है। शूटिंग के समय भीड़ जमा होती थी, लेकिन कभी कोई परेशानी नहीं हुई। खालसा कॉलेज की बिल्डिंग देखकर मैं दंग रह गया। मुझे स्वर्ण मंदिर जाने का भी अवसर मिला। वहाँ मैंने माथा टेका और अपने परिवार के लिए, फिल्म के लिए और उन सबके लिए मैंने प्रार्थना की जिन्हें मैं जानता हूँ। वहाँ जाकर मुझे बेहद शांति महसूस हुई।

इस फिल्म से जुड़ी कोई खास घटना बताइए।
शूटिंग के पहले सात-आठ दिन मेरे लिए बेहद यादगार रहे। मैं सुरिंदर साहनी के लुक में सेट पर जाता था और मुझे कोई भी पहचान नहीं पाता था। वह अहसास जो तीस वर्ष बाद मुझे होता, अभी ही महसूस हो गया। तीस साल बाद जब मैं स्टार नहीं रहूँगा तो मुझे कोई नहीं पहचानेगा। उस दौर को मैंने इसकी शूटिंग के आरंभिक दिनों में महसूस किया। मैं नहीं चाहता हूँ कि मेरे साथ कभी भी ऐसा हो।

Shahrukh
IFM
रोमांटिक आयकॉन शाहरुख ने एक प्रेमकथा में साधारण आदमी का किरदार निभाया है। इस बारे में क्या कहेंगे?
मैं हमेशा से कहता आया हूँ‍ कि मैं सुपरस्टार, जिसका नाम शाहरुख खान है का कर्मचारी हूँ। मैं उस सुपरस्टार या हीरो या रोमांटिक आयकॉन के लिए काम करता हूँ। मैं कभी नहीं सोचता कि मैं सुपरस्टार हूँ। अपने बारे में कहूँ तो मैं बेहद साधारण आदमी हूँ, जो साधारण सोचता है और साधारण काम करता है। जो मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आया है। मैं इसे कभी नहीं भूलता। बाहर से भले ही लोगों को लगता है कि मैं एक लाख स्क्वेयर फीट में बने मकान में रहता हूँ। मेरे पास बड़ी और महँगी कारे हैं, लेकिन यह सब उस अभिनेता को मिली है। रोमांटिक आयकॉन का खिताब भी उस अभिनेता को मिला है, जिसके लिए मैं काम करता हूँ। मैंने जितने भी रोमांटिक किरदार निभाए हैं, उन्हें यदि आप गौर से देखें तो पाएँगे कि सब मिडिल क्लास का हाव-भाव लिए हुए हैं। मुझे तो ‘रब ने बना दी जोड़ी’ का सूरी अपने जैसा लगता है। यदि मैं स्टार नहीं बनता तो मैं भी सूरी जैसी मूँछ लगाए और बाल सँवारे होता। एक अभिनेता के रूप में मैं सुरिंदर साहनी को नया रोमांटिक आयकॉन बनाना चाहता हूँ। मैं चाहता हूँ कि अब आप ‘राज’ जैसे नहीं ‘सूरी’ जैसे बनिए। 99.9 प्रतिशत लोग सूरी जैसे चलते हैं, सूरी जैसे बात करते हैं और सूरी जैसे दिखते हैं। मैं चाहता हूँ कि राज और राहुल अब अपना क्राउन सूरी को सौंप दें क्योंकि वह दिल का बहुत अच्छा है।
संबंधित जानकारी खोजें
यह भी खोजें: शाहरूख़ खान, शाहरुख, रब ने बना दी जोड़ी, अनुष्का शर्मा, आदित्य चोपड़ा