‘गरम मसाला’, ‘ट्रैफिक सिग्नल’, ‘वन टू थ्री’ जैसी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली नीतू चन्द्रा ‘ओए लकी, लकी ओए’ में नजर आने वाली हैं। इसका निर्देशन ‘खोसला का घोसला’ जैसी फिल्म बनाने वाले दिबाकर बैनर्जी ने किया है। आइए नीतू से जानें उनके चरित्र और फिल्म में काम करने के अनुभव के बारे में :
‘ओए लकी लकी ओए’ आपको कैसे मिली? फिल्म के निर्देशक दिबाकर को मैं बहुत पहले से जानती हूँ। मैंने उनके साथ एक विज्ञापन भी किया है, जिसका निर्देशन उन्होंने बॉलीवुड में आने के पहले किया था। जब फिल्म का प्रस्ताव मिला तो मैंने फौरन लपक लिया।
इस फिल्म में आपकी क्या भूमिका है? मैं इसमें एक साधारण और मध्यमवर्गीय लड़की बनी हूँ, जो लकी की असलियत जानने के बावजूद कि वह चोर है, प्यार करती है।
दिबाकर बैनर्जी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? दिबाकर एक बहुत अच्छे निर्देशक हैं। वे फिल्म माध्यम को अच्छी तरह जानते हैं। उनके साथ काम कर मैंने बहुत कुछ सीखा।
क्या आपने दिबाकर की पिछली फिल्म ‘खोसला का घोंसला’ देखी है? कई बार। यह एक शानदार फिल्म है। इसीलिए मैंने ‘ओए लकी, लकी ओए’ में काम करना मंजूर किया।
इस फिल्म में आपके नायक अभय देओल हैं। उनके बारे में क्या कहना चाहेंगी? अभय बहुत अच्छे सहयोगी कलाकार हैं। वे सबका बहुत ख्याल रखते हैं और उनके साथ काम करते समय किसी किस्म का तनाव नहीं महसूस होता। मुझे याद है जब हम मनाली में शूटिंग कर रहे थे। मैं बीमार पड़ गई थी। अभय ने मेरी अच्छी तरह से देखभाल की और शूटिंग के दौरान मेरी सहायता की।
फिल्म का नाम ‘ओए लकी, लकी ओए’ क्यों रखा गया? फिल्म में दिल्ली दिखाया गया है। वहाँ अक्सर लोग किसी को इसी तरह बुलाते हैं, जैसे कि ‘ओए लकी’।
फिल्म में परेश रावल और अर्चना पूरनसिंह जैसे सीनियर कलाकार भी हैं, उनके बारे में क्या कहना चाहेंगी? परेशजी के साथ मैं चार फिल्में कर चुकी हूँ और वे मेरे लिए लकी हैं। उनके साथ स्क्रीन पर आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। शूटिंग के दौरान अर्चना और मेरी अच्छी दोस्ती हो गई। उनके साथ शूटिंग करने में मुझे बहुत आनंद आया।
फिल्म एक चोर पर आधारित है। यदि आपको कोई चीज चुराने का मौका मिले तो आप क्या चुराना पसंद करेंगी? मुझे च्यूइंगम बहुत पसंद है और मैं ढेर सारी च्यूइंगम चुराना पसंद करूँगी। वैसे एक राज की बात बताऊँ कि मैं अक्सर अपने दोस्तों के बेग से इसे चुराती हूँ।
यह फिल्म अभय देओल के इर्दगिर्द घूमती है। क्या आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर इसमें मिला है? मैं फिल्म की नायिका हूँ और इससे ही आपके प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा। मुझे दिबाकर पर पूरा भरोसा है। फिल्म में अभय मुझसे प्यार करते हैं और उनका सारा ध्यान मुझ पर रहता है।
PR
फिल्म की पूरी शूटिंग दिल्ली में हुई है। वहाँ शूटिंग करना कैसा लगा? दिल्ली बहुत ही खूबसूरत जगह है। मैं पहले भी कई बार यहाँ आ चुकी हूँ। दिल्ली के लोग बड़े दिलवाले हैं।
फिल्म में आपके लुक के बारे में क्या कहना चाहेंगी? मेरा लुक एकदम साधारण है क्योंकि मैं मिडिल क्लास की लड़की का किरदार निभा रही हूँ। मुझे महँगी ड्रेसेस पहनने को नहीं मिली है और न ही मैंने ज्यादा मेकअप किया। मेरे निर्देशक का मानना है कि मैं बिना मेकअप में ज्यादा सुंदर नजर आती हूँ।