मशहूर हास्य कलाकार सुरेश मेनन किसी परिचय के मोहताज नहीं है। दर्शक उन्हें टीवी या फिल्मों में कई बार देख चुके हैं। सुरेश अब आने वाली फिल्म ‘क्रेजी 4’ में दिखाई देंगे। इस फिल्म में वे एक महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। पेश है सुरेश से बातचीत :
’क्रेजी 4’ में आपके चरित्र के बारे में कुछ बताइए। डब्बू नामक चरित्र निभा रहा हूँ जो अपने बारे में कुछ भी नहीं कहता है। यह चरित्र मुझसे एकदम विपरीत है। मैं बहुत बक-बक करता हूँ। वैसे मैं भी क्रेजी इंसान हूँ, अन्यथा कौन फिल्मों में काम करने के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर आता।
‘क्रेजी 4’ के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? फिल्म की कहानी बहुत साधारण-सी है। चार इंसान हैं, जो आपस में दोस्त हैं। वे अपने दिमाग का इलाज करवा रहे हैं। उनका मानना है कि मानसिक रूप से बीमार लोगों को पागलखाने से बाहर रखना चाहिए और आम इंसान को पागलखाने के अंदर क्योंकि आम इंसान ज्यादा क्रेजी होते हैं। मैं दावा नहीं करता कि यह पूरी तरह से एक हास्य फिल्म है, लेकिन इसमें हर चीज हास्य के अंदाज में बयां की गई है। इस फिल्म को सभी पसंद करेंगे।
बतौर निर्देशक जयदीप सेन की यह पहली फिल्म है। उनके साथ काम करने के क्या अनुभव रहें? भले ही यह जयदीप सेन की निर्देशक के रूप में पहली फिल्म हो, लेकिन वे काफी अनुभवी हैं। लंबे समय से फिल्म उद्योग से जुड़े हुए हैं। राकेश रोशन के अलावा कई निर्देशकों के साथ सहायक के रूप में काम कर चुके हैं। वे एक बेहतरीन निर्देशक हैं और यह फिल्म देखने के बाद सभी मानेंगे कि उनके अंदर असीमित प्रतिभा है।
शूटिंग के दौरान सेट पर कैसा माहौल रहता था? बेहतरीन। हम लोग सेट पर खूब हँसी-मजाक किया करते थे। वैसे भी जरूरी होता है कि काम के साथ फन भी हो। इरफान और राजपाल तो हमेशा उत्साह से भरे नजर आते थे। हम लोगों ने बिना किसी समस्या के अपने काम को शानदार तरीके से अंजाम दिया है।
यदि आपको भविष्य में गंभीर किस्म की भूमिका मिले तो आप निभाना पसंद करेंगे? मुझे लगता है कि मैं हास्य भूमिकाओं के लिए उपयुक्त हूँ। हो सकता है कि भविष्य में मैं कभी गंभीर किरदार निभा भी लूँ, लेकिन जहाँ तक मेरी अपनी राय है तो मैं हास्य अभिनेता के रूप में ही अच्छा हूँ।
क्या लोगों को हँसाना आपको आसान लगता है? जी नहीं। यह सबसे कठिन काम है। हर इंसान अपनी जिंदगी में तमाम समस्याओं से घिरा रहता है और उसे हँसने के लिए एक क्षण भी नहीं मिलता। ऐसे में यदि हम उसे हँसाने में कामयाब होते हैं तो कुछ समय के लिए वह तनावरहित महसूस करता है।
आपने करियर की शुरुआत कैसे की थी? टेलीविजन पर ‘मैं भी डिटेक्टिव’ नामक एक गेम शो से। इसमें मेरे साथ साजिद खान थे।
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