एक साक्षात्कार के दौरान अब्बास-मस्तान ने कहा था कि अक्षय खन्ना उनके बेटे के समान हैं। एक हीरो के रूप में अक्षय की मार्केट वैल्यू कभी भी ज्यादा नहीं रही है, इसके बावजूद अब्बास-मस्तान अपनी फिल्मों में अक्षय को लेते रहे। यही नहीं उन्होंने अपनी फिल्मों में अक्षय के लिए सशक्त भूमिकाएँ लिखवाई। हमराज, रेस, 36 चायना टाउन, नकाब जैसी फिल्मों में अक्षय नजर आए।
निर्देशक बन-बनकर तंग आ चुके अब्बास-मस्तान अब निर्माता बन गए हैं और उनकी फिल्मों का निर्देशन कोई और करेगा। है न अजीब बात कि ये दोनों भाई किसी और निर्माता की फिल्म निर्देशित करेंगे और इनकी फिल्म कोई और।
खैर, निर्माता के रूप में अपनी पहली फिल्म में हीरो की भूमिका के लिए उन्होंने अपने खासमखास हीरो अक्षय खन्ना को चुना। बात जब पारिश्रमिक की पहुँची तो अक्षय ने 6 करोड़ रुपए की माँग की।
अक्षय की यह प्राइस उनकी मार्केट प्राइस से बहुत ज्यादा है। अक्षय पर हद से ज्यादा भरोसा करने वाले अब्बास-मस्तान को यह आशा नहीं थी कि अक्षय उनसे इतनी ज्यादा रकम माँगेंगे।
उन्होंने अक्षय से जब इस बारे में बात की तो अक्षय ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया कि वे अपनी कीमत कम करने के लिए तैयार हैं बशर्ते फिल्म अब्बास-मस्तान निर्देशित करें। यदि कोई दूसरा निर्देशक फिल्म निर्देशित करेगा तो उन्हें 6 करोड़ रुपए देना पड़ेंगे।
अक्षय के इस व्यवहार से आश्चर्यचकित अब्बास-मस्तान ने अक्षय का खयाल दिमाग से निकाला और दूसरा हीरो ले लिया।
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